स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने हाल ही में अहमदाबाद शहर में मेफेड्रोन तस्करी के लिए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी है, जिसे ऑपरेशन का सरगना माना जाता है। पुलिस का मानना है कि मुंबई के ठाणे की रहने वाली 33 वर्षीया बार गर्ल रहनुमा खान उर्फ सिजा ने अमीर घरों को लड़कों को जाल में फंसा कर ड्रग पेडलर बना दिया। इसके लिए वह ब्लैकमेल करती थी। पुलिस को यह भी संदेह है कि उसने इनमें से कई लड़कों को ड्रग एडिक्ट तक बना दिया।
गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में खानपुर के शाहबाज पठान, नवरंगपुरा के जैनिश देसाई और शाहपुर के अंकित श्रीमाली शामिल हैं। एक पुलिस वाले ने कहा कि सिज़ा खुद ड्रग एडिक्ट है, जो बाद में ड्रग तस्करी में लग गई। सिज़ा अक्सर अहमदाबाद आती थी और अलग-अलग होटलों में ठहरती थी। वह एसजी हाईवे और सिंधु भवन रोड के आसपास कॉफी बार और रेस्तरां में युवकों को निशाना बनाती थी।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसओजी) बीसी सोलंकी ने कहा, “वह उन्हें लुभाती, अपने होटल ले जाती और उनकी बातचीत रिकॉर्ड करती। उसने उन्हें ड्रग्स से भी परिचित कराया। बाद में वह उन्हें ड्रग्स बेचने के लिए ब्लैकमेल करती थी।। एक गुप्त सूचना के बाद हमने अहमदाबाद में प्रवेश करते ही उसे गिरफ्तार कर लिया।”
सोलंकी ने कहा, “सिजा को सिंथेटिक ड्रग्स बेचने वाले ड्रग तस्करों पर नज़र रखने के लिए हम मुंबई पुलिस के भी संपर्क में हैं।” उन्होंने कहा कि सिजा ने नशे के आदी लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा भी उधार दिया था। उनके मुताबिक, सिजा ने मुंबई में एक बार गर्ल के रूप में शुरुआत की, लेकिन जल्द ही ड्रग एडिक्ट बन गई और फिर ड्रग तस्करी में शामिल हो गई।
पुलिस ने बताया कि जिन जैनिश और अंकित को गिरफ्तार किया गया था, वे नशे के आदी होने के बाद सिजा द्वारा ड्रग्स के धंधे में फंस गए। पुलिस ने उसके कब्जे से एक डायरी भी बरामद की है। इसमें उसके ग्राहकों के साथ-साथ शहर के अन्य मादक पदार्थों के तस्करों के नाम भी हैं। सोलंकी ने कहा, “हमने मादक पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार करने और उनकी डायरी में दर्ज नशा करने वालों के पुनर्वास की व्यवस्था करने के लिए टीमों का गठन किया है।”
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