विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ग्यानेश कुमार के खिलाफ कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “हम बहुत जल्द इस पर फैसला लेंगे।”
हालांकि, सीईसी को हटाना आसान नहीं है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जो फिलहाल विपक्ष के पास नहीं है।
चुनाव आयोग का पलटवार
रविवार को सीईसी ग्यानेश कुमार ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए चुनावी धांधली के आरोपों को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह विश्वसनीय और पारदर्शी है।
गांधी का नाम लिए बिना कुमार ने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा पेश किया गया “पीपीटी प्रेजेंटेशन” मतदाता आंकड़ों का “ग़लत विश्लेषण” है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी कि या तो सात दिनों में अपने दावों के समर्थन में हलफ़नामा दें या फिर “पूरे देश से माफी मांगें।”
गौरतलब है कि 7 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि लिस्ट में डुप्लीकेट नाम हैं, कई मतदाताओं का घर नंबर ‘जीरो’ दर्ज है और दर्जनों लोग एक ही पते पर पंजीकृत हैं।
डुप्लीकेट वोटिंग पर स्पष्टीकरण
कुमार ने इन आरोपों को भ्रामक करार दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने 2023 का चुनाव जीता था, जबकि आरोप वहीं की मतदाता सूची को लेकर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मतदाता का नाम एक से अधिक बूथों में दर्ज होना और वास्तव में दो जगह वोट डालना — दोनों अलग बातें हैं। दो बार वोट डालना एक आपराधिक कृत्य है।”
कुमार ने आगे कहा, “चुनाव आयोग हमेशा से और आगे भी सभी धर्मों और समुदायों के मतदाताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहेगा।”
बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर विवाद
कांग्रेस और उसकी सहयोगी आरजेडी ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को जल्दबाज़ी में कराने का आरोप लगाया है। इस पर सीईसी ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत हर चुनाव से पहले मतदाता सूची का संशोधन अनिवार्य है।
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार के सात करोड़ से अधिक मतदाताओं से जुड़ा यह अभियान 24 जून से शुरू हुआ था और 20 जुलाई तक अधिकांश काम पूरा हो गया था। कुमार ने बताया कि 2003 में भी बिहार में यही प्रक्रिया मानसून के दौरान 14 जुलाई से 14 अगस्त तक कराई गई थी।
उन्होंने सभी 12 राजनीतिक दलों से अपील की कि उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) 1 सितंबर से पहले अपनी आपत्तियां दर्ज कराएं। उसके बाद ड्राफ्ट लिस्ट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
22 लाख मतदाताओं की मृत्यु दर्ज होने के आरोपों पर कुमार ने कहा कि ये छह महीने के भीतर की मौतें नहीं हैं, बल्कि पिछले करीब 20 वर्षों से लंबित पड़े मामलों का आंकड़ा है।
“वोट चोरी नहीं हो सकती” – सीईसी
राहुल गांधी द्वारा लगाए गए “वोट चोरी” के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कुमार ने कहा कि मतदाता सूची और मतदान की प्रक्रिया दो अलग-अलग कानूनों और तंत्र से संचालित होती हैं।
उन्होंने कहा, “जब मतदाता वोट डालने जाता है तो मशीन पर केवल एक ही बार बटन दबा सकता है। ऐसे में वोट चोरी संभव ही नहीं है।”
कुमार ने राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा, “सच्चाई सुनने और समझने का साहस होना चाहिए।”
उन्होंने दोहराया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मकसद मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी बनाना है। आयोग दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव की पवित्रता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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