नई दिल्ली/साओ पाउलो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में अपने ‘वोट चोरी’ के दावे को लेकर एक तस्वीर पेश की थी। बुधवार को एक यूट्यूब ब्रॉडकास्ट के दौरान, उन्होंने एक विशाल स्क्रीन पर एक महिला की तस्वीर दिखाते हुए सवाल किया, “ये कौन है?”
अब, इस ‘रहस्यमयी मॉडल’ की असली पहचान सामने आ गई है। सच्चाई यह है कि वह कोई मॉडल नहीं हैं।
कौन हैं लैरिसा नेरी?
जिस महिला की तस्वीर भारतीय राजनीति में तूफान ला रही है, उनका नाम लैरिसा नेरी (Larissa Nery) है। वह ब्राज़ील के बेलो होरिज़ोंटे शहर में रहती हैं, जहाँ वह एक हेयरड्रेसर हैं और अपना सैलून चलाती हैं। बेलो होरिज़ोंटे, ब्राज़ील के दूसरे सबसे बड़े राज्य मिनास गेरैस की राजधानी है।
लैरिसा का भारत से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। वह कभी ब्राज़ील से बाहर भी नहीं निकली हैं। ऐसे में, उनका पिछले अक्टूबर में हरियाणा विधानसभा चुनाव में 22 वोट डालना असंभव है।
“मुझे लगा कोई घोटाला कर रहा है”
यह पूरा खुलासा एक भारतीय समाचार संगठन और एक ब्राज़ीलियाई न्यूज़ एजेंसी के साझा प्रयास से हुआ। जब ब्राज़ीलियाई एजेंसी के एक वरिष्ठ रिपोर्टर, लुइज़ फर्नांडो मेनेजेस ने लैरिसा को ढूँढा और उनसे संपर्क किया, तो लैरिसा ने कहा, “मुझे लगता है कि यह सब एक कॉमेडी है।”
शुरुआत में, लैरिसा को लगा कि रिपोर्टर कोई अपराधी है जो उनके साथ घोटाला (scam) करने की कोशिश कर रहा है। उन्हें इस बात पर तभी यकीन हुआ जब यह खबर प्रकाशित हो गई।

इंस्टाग्राम पर बताई अपनी हैरानी
बाद में, लैरिसा नेरी ने अपने लगभग 5,400 इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के लिए एक स्टोरी पोस्ट की। उन्होंने इस बात पर गहरी हैरानी जताई कि भारत में वोटिंग के लिए उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने पुर्तगाली भाषा में अपने फॉलोअर्स को बताया, “वे लोग मेरी तस्वीर का इस्तेमाल ऐसे कर रहे हैं जैसे मैं मतदाताओं को धोखा देने के लिए कोई भारतीय हूँ। क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं? हम किस तरह के पागलपन में जी रहे हैं?”
एक अन्य स्टोरी में, उन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का क्लिप शेयर किया और पुर्तगाली में कैप्शन लिखा: “दोस्तों, कितनी अजीब बात है — मैं भारत में ‘रहस्यमयी ब्राज़ीलियाई मॉडल’ के नाम से मशहूर हो गई हूँ।”
तस्वीर की असली कहानी
तो फिर यह तस्वीर, जो आज लाखों भारतीय स्मार्टफोन स्क्रीन पर है, आई कहाँ से? लैरिसा ने बताया कि यह फोटो बहुत पुरानी है।
उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं कोई मॉडल नहीं हूँ। मैंने यह तस्वीर अपने एक [फोटोग्राफर] दोस्त के कहने पर खिंचवाई थी। अब तो मुझे यह भी नहीं पता कि वह दोस्त कहाँ है।”
लैरिसा को यह भी नहीं मालूम कि उनके दोस्त ने इसे पहली बार किस वेबसाइट पर अपलोड किया था, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि तब से उन्होंने इसे “लाखों चीज़ों में” इस्तेमाल होते देखा है।
फोटोग्राफर का दर्द: “यह उत्पीड़न की हद है”
पहले की रिपोर्टों के अनुसार, यह तस्वीर फोटोग्राफर मैथ्यूस फेरेरो (Matheus Ferrero) ने 2017 में अनस्प्लैश (Unsplash) पर अपलोड की थी, जो एक फ्री-टू-यूज़ स्टॉक इमेज लाइब्रेरी है।
फेरेरो भी लैरिसा के ही शहर बेलो होरिज़ोंटे में रहते हैं। जैसे ही यह विवाद शुरू हुआ, भारतीय उपयोगकर्ताओं ने उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को कमेंट्स से भर दिया। परेशान होकर, फेरेरो को अपना इंस्टाग्राम अकाउंट ही डीएक्टिवेट करना पड़ा। उन्होंने अपनी अनस्प्लैश प्रोफाइल से भी उस महिला की तस्वीर को हटा दिया है।
उन्होंने ब्राज़ीलियाई रिपोर्टर को एक टेक्स्ट चैट में अपनी आपबीती सुनाई, “यह सब कैसे हो सकता है? बहुत सारे अजीब लोग सब कुछ कह रहे थे। क्या वे यह नहीं समझे कि यह एक फ्री प्लेटफॉर्म की फोटो थी? उन्होंने मेरे सभी इंटरनेट अकाउंट्स को लगभग हैक कर लिया है।”
फोटोग्राफर ने भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से उन्हें अकेला छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, “अगर आप उनसे रुकने के लिए कह सकें, तो यह बहुत अच्छा होगा, क्योंकि यह मेरे और मॉडल (लैरिसा) के प्रति उत्पीड़न की हद तक पहुँच रहा है।”

बाद में, फेरेरो ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भारतीय पत्रकार से बात करते हुए पुष्टि की कि उन्होंने 2017 में अपनी दोस्त (लैरिसा) की यह तस्वीर खींची थी, लेकिन उन्हें इस बात का बेहद अफ़सोस है कि इसका इस्तेमाल भारतीय मतदाता पर्चियों पर किया गया।
उन्होंने अपनी हताशा व्यक्त करते हुए कहा, “पूरी प्रक्रिया बेहद थका देने वाली है। इस तस्वीर ने मेरे और इसमें शामिल सभी लोगों के लिए जो अराजकता पैदा की है… सुबह उठकर अपने इंस्टाग्राम पर ढेरों कमेंट्स और फॉलोअर्स की बाढ़ देखना, जबकि आप समझ भी नहीं पा रहे कि हो क्या रहा है, यह भयानक और निराशाजनक है।”
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