नई दिल्ली: कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वांछित, अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित (डिपोर्ट) किए जाने के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 11 दिनों के लिए NIA की हिरासत में भेज दिया है।
अनमोल बिश्नोई पर राजस्थान में 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्व महाराष्ट्र मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में भी एक मुख्य आरोपी है।
भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी
अमेरिका से “निष्कासित” किए जाने के बाद अनमोल आज दोपहर भारत पहुंचा। एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद, शाम करीब 5 बजे उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान अदालत परिसर में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भी तैनाती की गई थी।
सुनवाई के दौरान NIA ने अदालत से अनमोल की 15 दिनों की हिरासत (कस्टडी) मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने जांच एजेंसी को पूछताछ के लिए 11 दिन का समय दिया है।
NIA का बड़ा खुलासा: अमेरिका से चला रहा था टेरर सिंडिकेट
अनमोल को हिरासत में लेने के बाद NIA ने एक बयान जारी कर बताया कि वह किस तरह पिछले कुछ सालों से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था और अमेरिका में बैठकर ही इन वारदातों को अंजाम दिलवा रहा था।
NIA के बयान के मुताबिक, “मार्च 2023 में हुई जांच में यह साबित हो गया था कि अनमोल ने साल 2020 से 2023 के दौरान देश में कई आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने में घोषित आतंकवादी गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई की सक्रिय रूप से मदद की थी। इसके बाद NIA ने उसके खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।”
2022 से फरार था अनमोल
पंजाब के फाजिल्का जिले का रहने वाला अनमोल बिश्नोई 2022 से फरार चल रहा था। वह भारत से भागकर पहले नेपाल गया और वहां से कुछ अन्य देशों के रास्ते होते हुए अंत में अमेरिका जा पहुंचा था।
NIA ने बताया कि अनमोल अपने भाई लॉरेंस और आतंकवादी गोल्डी बराड़ के साथ बेहद करीबी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) में काम कर रहा था।
जांच एजेंसी ने अपने बयान में कहा, “बिश्नोई गैंग के विभिन्न सहयोगियों के साथ मिलकर काम करते हुए, अनमोल अमेरिका से ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए टेरर सिंडिकेट चला रहा था और अपने स्थानीय गुर्गों का इस्तेमाल कर आतंकवादी वारदातों को अंजाम दे रहा था।”
NIA के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले इस टेरर सिंडिकेट से जुड़ी यह 19वीं गिरफ्तारी है।
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