comScore मुंद्रा पोर्ट: भारत में पहली बार सीधे जेटी पर डॉक हुआ 'फुली लोडेड' वीएलसीसी - Vibes Of India

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मुंद्रा पोर्ट: भारत में पहली बार सीधे जेटी पर डॉक हुआ ‘फुली लोडेड’ वीएलसीसी

| Updated: January 8, 2026 19:41

मुंद्रा पोर्ट पर 3.3 लाख क्यूबिक मीटर कच्चा तेल लेकर पहुंचा 'एमटी न्यू रिनाउन', भारत की क्रूड लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सिक्योरिटी में आया बड़ा बदलाव

भारत के समुद्री और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र ने साल की शुरुआत में ही एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश के सबसे बड़े कमर्शियल पोर्ट, मुंद्रा पोर्ट पर भारत का पहला पूरी तरह से लदा हुआ ‘वेरी लार्ज क्रूड कैरियर’ (VLCC) सीधे जेटी पर पहुंचा है।

इस सफलता के साथ ही भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास सीधे जेटी पर फुली लोडेड वीएलसीसी को संभालने की क्षमता है।

3.3 लाख क्यूबिक मीटर कच्चे तेल के साथ पहुंचा ‘एमटी न्यू रिनाउन’

‘एमटी न्यू रिनाउन’ (MT New Renown) नाम का यह विशाल टैंकर करीब 3.3 लाख क्यूबिक मीटर कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पहुंचा। अब तक भारत में इतने बड़े कच्चे तेल के जहाजों को संभालने के लिए ऑफशोर ‘सिंगल पॉइंट मूरिंग’ (SPM) या लाइटरिंग ऑपरेशन पर निर्भर रहना पड़ता था।

मुंद्रा पोर्ट की इस नई क्षमता से इस निर्भरता में कमी आएगी, साथ ही कच्चे तेल की हैंडलिंग अधिक सुरक्षित, तेज़ और लागत प्रभावी बनेगी।

चुनौतियों के बीच ऑपरेशनल उत्कृष्टता की मिसाल

इस विशालकाय जहाज की बर्थिंग आसान नहीं थी। तेज़ हवाओं, मजबूत समुद्री धाराओं और कठिन परिस्थितियों के बीच एपीएसईजेड (APSEZ) की मरीन टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह उपलब्धि पोर्ट मैनेजमेंट की तकनीकी दक्षता और सटीक योजना का परिणाम है।

अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता

मुंद्रा का यह वीएलसीसी जेटी दुनिया के सबसे गहरे और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर वाले जेटी में से एक है:

  • क्षमता: यह जेटी 21.6 मीटर ड्राफ्ट और 3,60,000 मीट्रिक टन तक के अधिकतम डिस्प्लेसमेंट वाले जहाजों को संभालने में सक्षम है।
  • जेटी का आकार: 400 मीटर लंबी इस जेटी की बर्थ पॉकेट गहराई 25 मीटर है और यह 333 मीटर लंबाई वाले जहाजों को संभाल सकती है।
  • अनलोडिंग स्पीड: यहाँ लगे दो 20-इंच के क्रूड ऑयल लोडिंग आर्म प्रति घंटे 10,000 से 12,000 क्यूबिक मीटर तक कच्चा तेल डिस्चार्ज कर सकते हैं।
  • सुरक्षा: उन्नत फेंडर सिस्टम और 150 टन क्षमता वाले हुक्स के साथ यह जेटी अल्ट्रा-लार्ज जहाजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बल

रणनीतिक तौर पर यह उपलब्धि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मुंद्रा का वीएलसीसी जेटी लगभग 489 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए राजस्थान स्थित एचपीसीएल (HPCL) की बाड़मेर रिफाइनरी से सीधे जुड़ा है। इस कनेक्टिविटी से कच्चे तेल के आयात में दक्षता बढ़ेगी और गुजरात व राजस्थान में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

मुंद्रा पोर्ट: उपलब्धियों का नया दौर

अडानी का मुंद्रा पोर्ट पहले ही वित्त वर्ष 2024-25 में 200 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कार्गो हैंडल करने वाला भारत का पहला पोर्ट बन चुका है। वर्ल्ड बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स (2024 और 2025) में मिली मान्यता और अब वीएलसीसी को सीधे बर्थ करने की क्षमता ने इसकी वैश्विक साख को और मजबूत किया है।

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