सूरत: भारतीय शादियों में खाने-पीने की कमी-बेशी पर अक्सर नोकझोंक हो जाती है, लेकिन क्या एक मिठाई का मेनू से गायब होना किसी की गृहस्थी उजाड़ सकता है? सूरत में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शादी के मेनू में ‘गुलाब जामुन’ न परोसे जाने की बात ने इतना तूल पकड़ा कि नौबत दहेज प्रताड़ना और गंभीर पुलिस केस तक आ पहुंची है।
सलाबतपुरा पुलिस थाने में 28 वर्षीय एक शिक्षित युवती ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने विरमगाम निवासी अपने पति, ससुर और पति के चाचा (काका ससुर) पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
मिठाई की कमी को बनाया दहेज का बहाना
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, ससुराल वालों ने शादी में गुलाब जामुन न होने को लेकर उसे लगातार ताने मारे। बात सिर्फ तानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसी बहाने से उन्होंने दहेज की मांग शुरू कर दी। आरोपियों ने कथित तौर पर महिला से 10 लाख रुपये नकद और 116.6 ग्राम सोने की मांग की।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ग्रेजुएट है और उसकी शादी दिसंबर 2023 में हुई थी। शादी के शुरुआती 10 दिन दंपति ने भरूच में एक एनआरआई (NRI) रिश्तेदार के घर बिताए। इसके बाद वे विरमगाम स्थित अपने ससुराल चले गए।
पीड़िता का आरोप है कि विरमगाम पहुंचते ही ससुराल वालों का रवैया बदल गया। उन्होंने मिठाई वाली बात को तूल देकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। इस दौरान, जब उसका पति गोवा ट्रिप पर गया हुआ था, तो उसने वहां से भी फोन पर पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
ससुर और चाचा पर बेहद गंभीर आरोप
दहेज के अलावा, महिला ने अपने ससुर और चाचा ससुर पर यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि घर में अकेले होने का फायदा उठाकर ससुर ने उसे जबरन किस (Kiss) किया। वहीं, ससुर के छोटे भाई (चाचा ससुर) ने सारी हदें पार करते हुए उसके सामने अपने कपड़े उतार दिए और अश्लील टिप्पणियां कीं।
जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने पति को इन हरकतों के बारे में बताया, तो पति ने उसका साथ देने के बजाय उसकी बातों को खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, पति ने धमकी दी कि अगर मायके से मांगी गई रकम और सोना नहीं लाया गया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
फरवरी से मायके में है पीड़िता
लगातार हो रहे अत्याचारों से तंग आकर महिला फरवरी 2024 में सूरत स्थित अपने पिता के घर लौट आई। पीड़िता का कहना है कि ससुराल पक्ष की तरफ से उसे वापस ले जाने की कोई कोशिश नहीं की गई, बल्कि धमकियों और फोन कॉल्स का सिलसिला जारी रहा।
अंततः, न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। सलाबतपुरा पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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