अहमदाबाद: भारत की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी (RE) कंपनी, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई अवधि के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है । कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एनर्जी सेल्स में साल-दर-साल (YoY) 37% की वृद्धि दर्ज की है ।
वित्तीय प्रदर्शन: रेवेन्यू और मुनाफे में उछाल
चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों (9M FY26) में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है. पावर सप्लाई से होने वाले रेवेन्यू में 25% की वृद्धि हुई है, जो बढ़कर 8,508 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का EBITDA 24% बढ़कर 7,921 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने 91.5% का इंडस्ट्री-लीडिंग EBITDA मार्जिन हासिल किया है। जबकि, कैश प्रॉफिट में 7% की वृद्धि हुई है और यह 3,906 करोड़ रुपये रहा।
ऑपरेशनल क्षमता में 48% की भारी वृद्धि
अडानी ग्रीन की ऑपरेशनल क्षमता में पिछले साल के मुकाबले 48% की वृद्धि हुई है, जिससे यह 17.2 GW तक पहुंच गई है। कंपनी ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 5.6 GW की ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ी है, जो देश भर में जोड़ी गई कुल सोलर और विंड क्षमता का लगभग 14% है।
खावड़ा प्रोजेक्ट: दुनिया का सबसे बड़ा RE प्लांट
गुजरात के खावड़ा में विकसित किए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में भी तेजी से काम चल रहा है।
खावड़ा में ऑपरेशनल पोर्टफोलियो अब 7.7 GW (सोलर, विंड और हाइब्रिड) तक पहुंच गया है। कंपनी 2029 तक खावड़ा में 30 GW की क्षमता हासिल करने के लिए ट्रैक पर है। यह प्रोजेक्ट 538 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जो पेरिस शहर के क्षेत्रफल का लगभग 5 गुना है।
मैनेजमेंट का बयान
अडानी ग्रीन एनर्जी के सीईओ, आशीष खन्ना ने कहा, “कैलेंडर वर्ष 2026 में, अडानी ग्रीन एनर्जी ने अपनी असाधारण विकास यात्रा जारी रखी है और 5.6 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है, जो पूरे भारत में स्थापित नई सोलर और विंड क्षमता का लगभग 14% है”।
अन्य उपलब्धियां और लक्ष्य
- कंपनी 2030 तक 50 GW का लक्ष्य हासिल करने की राह पर है।
- एनर्जी इंटेलिजेंस द्वारा नवीनतम रैंकिंग में अडानी ग्रीन ‘वर्ल्ड्स नंबर 1 ग्रीन यूटिलिटी’ के रूप में उभरी है।
- चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में कंपनी ने 27 बिलियन यूनिट से अधिक क्लीन इलेक्ट्रिसिटी जनरेट की है।
कंपनी का कहना है कि आंध्र प्रदेश में चित्रावती नदी पर उनका हाइड्रो पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट भी तय समय के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।
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