नई दिल्ली: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कर्तव्य पथ पर एक ऐतिहासिक कूटनीतिक अध्याय लिखा गया। यूरोपीय आयोग (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन ने सोमवार को भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत की सराहना करते हुए कहा कि “एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है।”
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब नई दिल्ली और ब्रुसेल्स एक बड़े और लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।
कर्तव्य पथ पर दिखा भारत-यूरोपीय संघ का गहराता रिश्ता
उर्सुला वॉन डेर लेन और यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने मुख्य अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस परेड की शोभा बढ़ाई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब अपनी पारंपरिक बग्घी में कर्तव्य पथ पर पहुंचीं, तो उनके साथ कोस्टा और वॉन डेर लेन भी मौजूद थे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों की एक जीती-जागती तस्वीर थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए वॉन डेर लेन ने लिखा, “गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना मेरे लिए जीवन भर का सम्मान है। एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और इसका लाभ हम सभी को मिलता है।”
सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर जोर
समारोह में यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष काजा लास (Kaja Kallas) भी मौजूद थीं। उन्होंने भारत के साथ सहयोग की दिशा में बढ़ रहे मजबूत कदमों का जिक्र किया। परेड में पहली बार यूरोपीय संघ के नौसैनिक अभियानों—’अटलांटा’ और ‘एस्पाइड्स’ (Atalanta and Aspides)—के जवानों ने भी हिस्सा लिया, जो दोनों पक्षों के बीच गहराते संबंधों का प्रतीक है।
काजा लास ने कहा, “कल शिखर सम्मेलन (Summit) में हम ‘ईयू-इंडिया सिक्योरिटी एंड डिफेंस पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर करके अपने संबंधों को और आगे ले जाएंगे। इससे समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे।”
कार आयात शुल्क में बड़ी कटौती की तैयारी
27 जनवरी को होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से पहले व्यापारिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा कारों पर लगने वाले आयात शुल्क (Import Tariffs) को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत भारत यूरोपीय संघ से आयातित कारों पर सीमा शुल्क में भारी कटौती कर सकता है।
मौजूदा समय में यह शुल्क अधिकतम 110 प्रतिशत तक है, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत किए जाने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली ने 16.3 लाख रुपये (लगभग 17,739 अमेरिकी डॉलर) से अधिक कीमत वाली यूरोपीय कारों पर शुल्क कम करने पर सहमति जताई है। इतना ही नहीं, समय के साथ इस शुल्क को घटाकर 10 प्रतिशत तक लाने की योजना है।
वैश्विक व्यापार समीकरण और भारत-ईयू एफटीए
यह महत्वाकांक्षी एफटीए ऐसे समय में आकार ले रहा है जब वाशिंगटन (अमेरिका) की टैरिफ-आधारित नीतियों के कारण वैश्विक वाणिज्य प्रभावित हो रहा है। अमेरिका के व्यापारिक और टैरिफ उपायों ने भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ, दोनों को प्रभावित किया है, जिसने नई दिल्ली और ब्रुसेल्स को आर्थिक सहयोग गहरा करने के लिए प्रेरित किया है।
गौरतलब है कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय माल व्यापार 135 अरब डॉलर (USD 135 billion) तक पहुंच गया था। अधिकारियों का मानना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यावसायिक जुड़ाव को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
बता दें कि भारत और यूरोपीय संघ ने सबसे पहले 2007 में एफटीए वार्ता शुरू की थी, लेकिन महत्वाकांक्षा के स्तर पर मतभेदों के चलते 2013 में इसे रोक दिया गया था। लगभग एक दशक बाद, जून 2022 में इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया और अब इसके सुखद अंजाम तक पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय नेतृत्व के बीच होने वाली आगामी शिखर वार्ता न केवल व्यापारिक आंकड़ों को बदलेगी, बल्कि कई क्षेत्रों में भारत-ईयू संबंधों में एक गुणात्मक बदलाव भी लाएगी।
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