comScore अहमदाबाद: फर्जी बिलिंग के जरिए 262 करोड़ रुपये की GST चोरी का भंडाफोड़, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

अहमदाबाद: फर्जी बिलिंग के जरिए 262 करोड़ रुपये की GST चोरी का भंडाफोड़, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

| Updated: January 28, 2026 14:14

हवाला कनेक्शन और फर्जी कंपनियों का मकड़जाल: DGGI की बड़ी कार्रवाई, मास्टमाइंड समेत 3 सलाखों के पीछे

अहमदाबाद: जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने कर चोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बिलिंग के दो अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश किया है। इन मामलों में कुल 262 करोड़ रुपये से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) धोखाधड़ी से हासिल किया गया था। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

फर्जी कंपनियों का विशाल नेटवर्क

पहले और सबसे बड़े मामले में, विभाग ने एक ऐसे रैकेट का खुलासा किया है जिसमें लगभग 1,403.66 करोड़ रुपये के टैक्सेबल वैल्यू पर करीब 252.6 करोड़ रुपये का फर्जी ITC पास किया गया था। पिछले दो महीनों के दौरान अहमदाबाद, जामनगर और मुंबई में कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी की गई। इस दौरान टीम को कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और मोबाइल डिवाइस बरामद हुए हैं।

जांच में सामने आया कि डमी निदेशकों का इस्तेमाल करके कई ऐसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाई गई थीं, जिनका धरातल पर कोई अस्तित्व ही नहीं था। इन फर्जी कंपनियों ने कुछ ही महीनों में कागजों पर सैकड़ों करोड़ का टर्नओवर दिखा दिया।

हवाला और RTGS का खेल

DGGI के अधिकारियों के अनुसार, इन फर्मों ने बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के ही फर्जी चालान (Invoices) जारी किए। इन चालानों का उपयोग लोहा और इस्पात, रसायन, सीमेंट, कृषि और निर्माण जैसे क्षेत्रों में टर्नओवर को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और जीएसटी दायित्व से बचने के लिए किया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह सिंडिकेट लेन-देन को वैध दिखाने के लिए काफी चालाकी से काम करता था। चालान की रकम पहले RTGS के माध्यम से रूट की जाती थी, ताकि बैंक रिकॉर्ड में सब कुछ सही लगे। इसके बाद, अपना कमीशन काटकर बाकी पैसा हवाला चैनलों के जरिए नकद में वापस कर दिया जाता था।

जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच अभी जारी है ताकि उन लाभार्थियों की पहचान की जा सके जिन्होंने इन फर्जी बिलों का उपयोग किया है।

मास्टरमाइंड और दलाल गिरफ्तार

जांच में पता चला कि अहमदाबाद निवासी रिजवान खोजा इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड है। वह अपने सहयोगियों, कर्मचारियों और रिश्तेदारों के जरिए 17 जीएसटी-पंजीकृत फर्मों को नियंत्रित कर रहा था। जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए, उसने इन सभी लोगों को मोबाइल फोन मुहैया कराए थे और वह नियमित अंतराल पर इन फोनों को बदल देता था।

इस खेल में ललित जैन नामक एक अन्य आरोपी दलाल की भूमिका निभा रहा था, जो कमीशन के बदले उद्योगपतियों को फर्जी चालान बेचने का काम करता था। इन दोनों को 22 जनवरी को सीजीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया और उन्हें 5 दिनों की हिरासत में भेजा गया है। इस मामले में अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुराने घोटाले से जुड़े तार

एक अन्य मामले में, मैसर्स राजनजी एंटरप्राइज के प्रमुख नियंत्रक मेमन मोहम्मद अफवान को 20 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। उस पर आरोप है कि उसने 27 फर्जी संस्थाओं द्वारा जारी लगभग 52 करोड़ रुपये के जाली बिलों के माध्यम से 9.29 करोड़ रुपये का फर्जी ITC प्राप्त किया। उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह मामला दिसंबर 2024 में सामने आए 800 करोड़ रुपये के एक बड़े फर्जी बिलिंग घोटाले की ही अगली कड़ी है, जिसमें 162 करोड़ रुपये का फर्जी ITC शामिल था। उस मामले में DGGI ने अहमदाबाद निवासी रितेश शाह को गिरफ्तार किया था। बाद में शाह को प्रवर्तन निदेशालय (ED), मुंबई ने अपनी हिरासत में ले लिया था और वह अभी भी न्यायिक हिरासत में है।

DGGI अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी बिलों का लाभ उठाने वाली प्राप्तकर्ता कंपनियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है और कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें-

भारत-EU व्यापार समझौते से गुजरात की चांदी: टेक्सटाइल, केमिकल और फार्मा सेक्टर में बंपर उछाल की उम्मीद

अजित पवार प्लेन क्रैश: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का निधन, बारामती में लैंडिंग के दौरान हुआ भयानक हादसा…

Your email address will not be published. Required fields are marked *