नई दिल्ली: दूसरों की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाली दिल्ली पुलिस की एक जांबाज स्वाट (SWAT) कमांडो खुद अपने ही घर की चारदीवारी में सुरक्षित नहीं रह सकी। पश्चिमी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 27 वर्षीय कमांडो काजल चौधरी की उनके पति ने कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी। विडंबना यह है कि जब उन पर हमला हुआ, वह चार महीने की गर्भवती थीं।
काजल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात थीं। उनके पति अंकुर, जो रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) में क्लर्क हैं और दिल्ली कैंट में तैनात हैं, पर आरोप है कि उन्होंने डंबल से अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला किया।
मौत से पहले का वो खौफनाक कॉल
इस पूरी घटना का सबसे रूह कंपा देने वाला पहलू वह आखिरी फोन कॉल है, जो काजल के भाई निखिल ने रिसीव किया। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में तैनात सिपाही निखिल ने बताया कि घटना वाले दिन उनके जीजा अंकुर का फोन आया।
निखिल ने उस भयावह पल को याद करते हुए बताया, “उसने मुझे फोन पर कहा कि अपनी बहन को समझा ले। मैंने उसे शांत रहने को कहा और तुरंत अपनी बहन को फोन मिलाया। काजल आमतौर पर अपनी तकलीफें नहीं बताती थी, लेकिन उस दिन वह अपना दर्द साझा कर रही थी। तभी अंकुर ने उससे फोन छीन लिया।”
निखिल के मुताबिक, इसके बाद अंकुर ने जो कहा, वह किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी था।
अंकुर ने कहा, “इस कॉल को रिकॉर्डिंग पर रख, पुलिस एविडेंस में काम आएगा। मैं मार रहा हूं तेरी बहन को… पुलिस मेरा कुछ नहीं कर पाएगी।”
इसके तुरंत बाद निखिल को अपनी बहन की चीखें सुनाई दीं और फिर कॉल अचानक कट गई।
“ये मर गई है, अस्पताल आ जाओ”
निखिल ने बताया कि पहली कॉल कटने के बमुश्किल पांच मिनट बाद ही अंकुर का दोबारा फोन आया। इस बार उसने बेहद ठंडे लहजे में कहा, “ये मर गई है। अस्पताल आ जाओ।”
जब निखिल पुलिस बल के साथ गाजियाबाद के अस्पताल पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सन्न रह गए। काजल के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। निखिल का कहना है कि “जब मैंने अपनी बहन को देखा, तो लगा कि कोई दुश्मन भी किसी को इस तरह नहीं मारता।”
5 दिन तक मौत से जंग
यह हमला 22 जनवरी को मोहन गार्डन स्थित उनके आवास पर हुआ था। गंभीर रूप से घायल काजल को गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलती रहीं। आखिरकार, 27 जनवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया।
दहेज और प्रताड़ना की कहानी
काजल और अंकुर एक-दूसरे को पानीपत में कॉलेज के दिनों से जानते थे और 23 नवंबर, 2023 को शादी के बंधन में बंधे थे। हालांकि, परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही काजल को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
काजल के पिता राकेश ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “हमने अपनी हैसियत से बढ़कर, करीब 20 लाख रुपये शादी में खर्च किए। उन्हें बुलेट बाइक, सोने के गहने और नकद दिया, लेकिन वे कहते थे कि अगर उनका बेटा किसी और से शादी करता तो कार मिलती। बाद में मेरी बेटी ने कार का इंतजाम भी किया, लेकिन उनकी मांगें और अत्याचार खत्म नहीं हुए।”
काजल की मां ने रोते हुए कहा कि अंकुर ने काजल से 5 लाख रुपये भी लिए थे। उन्होंने आरोपी को ‘राक्षस’ बताते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।
डेढ़ साल का मासूम और बिखरा परिवार
इस दंपति का एक डेढ़ साल का बेटा भी है, जो अब अपने नाना-नानी के पास है। निखिल ने भावुक होकर कहा, “मासूम को इस घटना के बारे में कुछ नहीं पता। हमने तय किया है कि हम ही उसे पालेंगे और जब वह समझदार हो जाएगा, तब उसे सच बताएंगे।”
निखिल ने यह भी खुलासा किया कि करीब पांच महीने पहले भी अंकुर ने काजल पर हाथ उठाया था। तब वह माफी मांगकर और बच्चे की कसम खाकर सुधरने की बात कहकर मामले को रफा-दफा कर गया था। परिवार का आरोप है कि गर्भवती होने के बावजूद काजल से घर का सारा काम, कपड़े धोना और खाना बनाना आदि करवाया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, दंपति दिसंबर 2024 में हरियाणा के गन्नौर से दिल्ली के मोहन गार्डन में शिफ्ट हुआ था, लेकिन वहां भी झगड़े जारी रहे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद झगड़े की मुख्य वजह थे।
अधिकारी ने बताया, “22 जनवरी को झगड़े के दौरान अंकुर ने कथित तौर पर पहले काजल का सिर दरवाजे की चौखट पर मारा और फिर डंबल से हमला कर दिया।”
निखिल की शिकायत पर मोहन गार्डन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। शुरुआत में हत्या के प्रयास का केस दर्ज था, जिसे अब काजल की मौत के बाद हत्या की धाराओं में बदल दिया जाएगा। आरोपी पति को पुलिस ने घटना के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया था।
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