बेंगलुरु/कोच्चि: केरल के मशहूर रियल एस्टेट डेवलपर और कॉन्फिडेंट ग्रुप (Confident Group) के चेयरमैन रॉय चिरियनकंदाथ जोसेफ, जिन्हें आमतौर पर सीजे रॉय के नाम से जाना जाता था, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शुक्रवार को बेंगलुरु के लैंगफोर्ड रोड स्थित उनके ऑफिस में उन्होंने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। यह घटना उस वक्त हुई जब आयकर विभाग (Income Tax) के अधिकारी उनके दफ्तर में ही मौजूद थे।
घटना के वक्त क्या हुआ?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार दोपहर को उनके ऑफिस-कम-बंगले (Office-cum-Bungalow) में घटी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रॉय ने कथित तौर पर अपनी ही पिस्टल से खुद को गोली मारी। गोली चलने की आवाज़ सुनकर वहां हड़कंप मच गया। उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया और फिर वहां से नारायण हृदयालय अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
IT अधिकारी दूसरी मंजिल पर कर रहे थे कार्रवाई
एक वरिष्ठ टैक्स अधिकारी ने जानकारी दी कि रॉय ने घटना से एक दिन पहले, यानी गुरुवार को ही आयकर विभाग के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। जिस समय रॉय ने यह कदम उठाया, उस समय टैक्स अधिकारी इमारत की एक अलग मंजिल पर मौजूद थे और ‘निषेधाज्ञा आदेश’ (prohibitory order) की प्रक्रिया को अंजाम दे रहे थे।
अधिकारी ने बताया, “रॉय उस वक्त अलग फ्लोर पर थे। घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत अपनी कार्रवाई रोक दी।”
गौरतलब है कि आयकर अधिनियम की धारा 132(3) के तहत, अधिकारियों को तब निषेधाज्ञा जारी करने का अधिकार होता है जब खातों की किताबें, नकदी, बुलियन या गहने जैसी चीजों को तत्काल जब्त करना व्यावहारिक नहीं होता। यह आदेश संपत्ति के मालिक को बिना अनुमति इन चीजों को हटाने या सौदा करने से रोकता है।
‘जीरो डेट’ बिजनेस और विशाल साम्राज्य
सीजे रॉय का नाम दक्षिण भारत के सबसे सफल कारोबारियों में गिना जाता था। वह बिना बैंक लोन (Zero-debt business) के प्रोजेक्ट्स पूरा करने के अपने मॉडल के लिए मशहूर थे। कॉन्फिडेंट ग्रुप की वेबसाइट पर रॉय का एक संदेश उनकी सफलता की कहानी बयां करता है: “हम 19 साल पुराना एक समूह हैं, जिनका कारोबार भारत, यूएई (UAE) और अमेरिका तक फैला है। हमें बेंगलुरु, केरल और दुबई में कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स डिलीवर करने का गर्व है।”
रॉय का दावा था कि उनके 159 प्रोजेक्ट्स में से कोई भी कभी सरकारी अड़चनों या प्रॉपर्टी विवादों के कारण नहीं रुका। उनके कुछ प्रोजेक्ट्स को ‘क्रिसिल 7 स्टार’ रेटिंग भी प्राप्त थी।
केरल में चल रहे हैं 20 प्रोजेक्ट
केरल रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (K-RERA) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में राज्य के विभिन्न हिस्सों जैसे तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड, मलप्पुरम और त्रिशूर में कंपनी के 20 प्रोजेक्ट्स निर्माण के चरण में हैं। अपनी मृत्यु के समय, रॉय रियल एस्टेट, एंटरटेनमेंट, एविएशन, कंस्ट्रक्शन और पर्सनल केयर से जुड़ी आठ कंपनियों में निदेशक की भूमिका निभा रहे थे। पिछले 20 वर्षों में उनके समूह ने कुल 210 प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं।
फिल्मों और लग्जरी कारों के शौकीन
बिजनेस के अलावा, रॉय को उनकी लग्जरी कारों के शौक और परोपकारी कार्यों के लिए भी जाना जाता था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी थी। उन्होंने कई ऐसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया जो आर्थिक संकट का सामना कर रही थीं।
उनकी पहली फिल्म 2012 में आई मोहनलाल स्टारर बिग-बजट मलयालम फिल्म ‘कैसानोवा’ थी। इसके अलावा, वह 2021 में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘मरक्कर: लॉयन ऑफ द अरेबियन सी’ के प्रोडक्शन का भी हिस्सा रहे। पिछले साल, उन्होंने टोविनो थॉमस की फिल्म ‘आइडेंटिटी’ को प्रोड्यूस किया था।
“सपनों की लिस्ट में कुछ बाकी नहीं”
करीब एक महीने पहले एक मलयालम वेब पोर्टल को दिए गए इंटरव्यू में रॉय ने जिंदगी को लेकर अपने फलसफे का जिक्र किया था, जो अब बेहद भावुक लगता है।
उन्होंने कहा था, “मेरे लिए जीवन एक उत्सव की तरह है। मैं हर दिन का आनंद लेता हूं। मैं रात को 12 बजे के बाद ही सोता हूं। अगर मैं हवाई जहाज में हूं और पायलट कहे कि प्लेन क्रैश होने वाला है, तो मैं रोऊंगा नहीं, बल्कि खुश रहूंगा। मेरे सपनों की लिस्ट में अब कुछ भी पाना बाकी नहीं है।”
यह भी पढ़ें-
सीजे रॉय, कॉन्फिडेंट ग्रुप और 30 जनवरी की वो घटना: एक साम्राज्य, एक छापा और फिर दुखद अंत…
अंबुजा सीमेंट्स ने Q3 FY26 में दर्ज की रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ: मुनाफा 258% बढ़कर 3,781 करोड़ रुपये हुआ










