अहमदाबाद: शहर के खोखरा इलाके में स्थित ‘सेवंथ डे स्कूल’ (Seventh Day School) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्कूल परिसर के भीतर छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला स्कूल के भीतर छात्रों के बीच हुई मारपीट का है, जिसने अभिभावकों और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि एक मामूली विवाद में तीन सहपाठियों ने मिल कर कक्षा 7 के एक छात्र के साथ मारपीट की।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, यह घटना स्कूल के बाथरूम में घटी। बताया जा रहा है कि वहां चार छात्रों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। घायल छात्र के अभिभावक ने खोखरा पुलिस स्टेशन पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया।
अभिभावकों का आरोप है कि कतार में खड़े रहने (standing in line) को लेकर छात्रों के बीच विवाद शुरू हुआ था। उनका कहना है कि उनके बच्चे को रंजिश के तहत जानबूझकर निशाना बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई।
स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर DEO सख्त
इस घटना ने शिक्षा अधिकारियों के कान खड़े कर दिए हैं, खास तौर पर इसलिए क्योंकि इस स्कूल का अतीत छात्र हिंसा को लेकर दागदार रहा है। अभिभावक की शिकायत के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल और प्रशासनिक प्रमुख को नोटिस जारी किया है।
अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन ने डीईओ कार्यालय को इस झड़प की जानकारी नहीं दी, जिसे घोर लापरवाही माना जा रहा है। नोटिस में स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा गया है कि आखिर परिसर के भीतर कई छात्रों के शामिल होने के बावजूद अधिकारियों को अंधेरे में क्यों रखा गया?
शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि अगर जांच में चूक की पुष्टि होती है, तो स्कूल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, एक शिक्षा निरीक्षक (Education Inspector) ने स्कूल का दौरा कर घटनाक्रम, छात्रों के आचरण और स्थिति को संभालने में स्कूल की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने खोखरा स्थित इस स्कूल में हुई ताजा घटना को लेकर अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटना की तुरंत सूचना न देना स्कूल की आंतरिक निगरानी और सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाता है।
शिक्षा विभाग ने मामले की औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं और स्कूल को छात्र कल्याण से जुड़े मामलों में प्रोटोकॉल की अनदेखी न करने की चेतावनी दी है।
ताजा घटना ने ताज़ा की खौफनाक यादें
इस मारपीट ने पिछले साल इसी स्कूल में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना की यादें फिर से ताजा कर दी हैं।
गौरतलब है कि 19 अगस्त, 2025 को स्कूल परिसर के अंदर कक्षा 10 के एक छात्र की, एक अन्य छात्र ने धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी थी। उस नृशंस हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। उस वक्त गुस्से में आए स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर जमा होकर तोड़फोड़ भी की थी।
हत्या की उस वारदात के बाद स्कूल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और 19 अगस्त से संस्थान को बंद रखना पड़ा था। उस समय भी अभिभावकों ने अपने बच्चों की सुरक्षा और स्कूल के अनुशासन को लेकर गहरी चिंता जताई थी।
अब, हिंसा की इस नई घटना के बाद, यह सवाल फिर से उठ रहा है कि क्या स्कूल प्रशासन छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल देने और झगड़ों को बढ़ने से रोकने में वाकई सक्षम है? फिलहाल सभी की निगाहें चल रही जांच पर टिकी हैं, जिसके पूरा होने के बाद अधिकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
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