अहमदाबाद/सूरत: गुजरात के हवाई अड्डों पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (SVPIA) पर कस्टम अधिकारियों ने एक शातिर तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए मलेशिया से आए एक यात्री के पास से 30 करोड़ रुपये की 6.8 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।
तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए ड्रग्स को असली दिखने वाले साबुन के डिब्बों में छिपाया था, ताकि एक्स-रे जांच में भी इसका पता न चल सके।
यात्री प्रोफाइलिंग से खुला राज
घटना 9 फरवरी, सोमवार की है। कुआलालंपुर से आए एक पुरुष यात्री को AIU अधिकारियों ने ‘पैसेंजर प्रोफाइलिंग’ (यात्रियों की संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण) के आधार पर रोका। यह यात्री मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है।
कस्टम विभाग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, जब यात्री के सामान की तलाशी ली गई, तो उसमें से कुल 29 पैकेट मिले, जिनमें नशीला पदार्थ भरा हुआ था।
साबुन नहीं, मौत का सामान: हैरान करने वाला तरीका
अधिकारियों ने बताया कि तस्करों ने हेरोइन को छिपाने के लिए बेहद चालाकी भरा तरीका अपनाया था. कुल ड्रग्स को 26 साबुन के बक्सों और तीन सफेद लिफाफों में छिपाया गया था।
नशीले पदार्थ को नेचुरल और हर्बल साबुन की शक्ल दी गई थी और उन्हें असली ब्रांडेड पैकेजिंग में रखा गया था, जबकि उनमें साबुन का कोई अंश नहीं था।
एक्स-रे मशीन की पकड़ में आने से बचने के लिए इन पैकेट्स को सिल्वर फॉयल और कार्बन पेपर में लपेटा गया था। यह “ट्रिपल-लेयर पैकिंग” साफ इशारा करती है कि इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है, जिसने स्कैनिंग मशीनों को ध्यान में रखकर यह साजिश रची।
कैरियर को मिला था पैसों का लालच
जब्त की गई हेरोइन को ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस’ (NDPS) एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है और यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यात्री को केवल एक “कैरियर” (वाहक) के रूप में इस्तेमाल किया गया था। उसे यह खेप एयरपोर्ट के बाहर किसी रिसीवर को सौंपनी थी, जिसके बदले में उसे पैसों का लालच दिया गया था। हालांकि, इससे पहले कि वह संपर्क कर पाता, उसे पकड़ लिया गया। अब जांच एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय रूट को खंगाल रही हैं और भेजने वाले व प्राप्त करने वाले नेटवर्क की तलाश कर रही हैं।
सूरत एयरपोर्ट: सीट के नीचे मिला लावारिस ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’
दूसरी तरफ, सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कस्टम विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। बैंकॉक से सूरत आई एक फ्लाइट की तलाशी के दौरान 3.75 करोड़ रुपये का 3.7 किलोग्राम ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’ (उच्च गुणवत्ता वाला गांजा) बरामद किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान तीन सीटों के नीचे रखे लाइफ जैकेट के पास कुछ संदिग्ध पाउच मिले। ये लावारिस हालत में थे।
जब अधिकारियों ने पाउच खोले, तो भूरे रंग के टेप में लिपटे सात वैक्यूम-पैक प्लास्टिक पैकेट मिले। जांच में पुष्टि हुई कि यह मारिजुआना (हाइड्रोपोनिक गांजा) है।
तीन दिन में दूसरी बड़ी जब्ती
सूरत एयरपोर्ट पर यह तीन दिनों के भीतर दूसरा बड़ा मामला है। इससे एक दिन पहले, रविवार को AIU ने उत्तर प्रदेश के चार मूल निवासियों को गिरफ्तार कर करीब 6 करोड़ रुपये का गांजा जब्त किया था। अधिकारियों ने नोट किया कि दोनों मामलों में पैकिंग का तरीका एक जैसा था—वैक्यूम पैकिंग, ताकि कम जगह घिरे और आसानी से छिपाया जा सके।
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