कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राहुल ने पंजाब में बढ़ते अपराध, गैंगवार और नशे के मुद्दे पर राज्य सरकार को पूरी तरह से विफल करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो इंसान हर शाम शराब पीता है, वह राज्य से नशे की भयानक समस्या को कभी खत्म नहीं कर सकता।
बुधवार को पंजाब में कांग्रेस के आगामी चुनाव अभियान का बिगुल फूंकते हुए पार्टी ने ‘इंसाफ रैली’ का आयोजन किया। इस मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ सचिन पायलट, परगट सिंह, प्रताप बाजवा, चरणजीत चन्नी, राजा वड़िंग और विजय इंदर सिंगला जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। इसी मंच से राहुल गांधी ने पुराने दिनों को याद करते हुए दावा किया कि जब भगवंत मान सांसद थे, तो वह सुबह 11 बजे ही शराब की महक के साथ लोकसभा आते थे और अपना पूरा समय सिर्फ चुटकुले सुनाने में बिताते थे।
राहुल ने आम आदमी पार्टी पर सीधा सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर उन्होंने पंजाब के किस कोने से नशे को खत्म किया है। मुख्यमंत्री मान को केवल नाम का सीएम बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार का असली नियंत्रण दिल्ली में बैठे अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में है। राहुल ने दावा किया कि भगवंत मान की आधी लगाम केजरीवाल और आधी अमित शाह के पास है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह दिल्ली से नहीं, बल्कि यहीं से चलेगी।
इस सियासी जनसभा में भावनाओं का ज्वार तब उमड़ पड़ा, जब पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने मंच पर नाटकीय रूप से एंट्री की। राहुल गांधी ने बलकौर सिंह को मंच पर गले लगाया और साल 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुए ‘प्रतिभाशाली’ मूसेवाला के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद किया। गौरतलब है कि 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने और मूसेवाला की सुरक्षा वापस लिए जाने के तुरंत बाद ही उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी।
रैली में राहुल गांधी के निशाने पर सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी भी रही। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जेलों में बंद अपराधियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। गुजरात के ‘अडानी पोर्ट’ पर पकड़ी गई भारी मात्रा में ड्रग्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह के नशे और गैंगवार खत्म करने के दावों पर कतई भरोसा नहीं किया जा सकता।
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे बड़ा और सीधा हमला बोला। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती देते हुए राहुल ने उन्हें ‘गद्दार’ तक कह डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी पूरी तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में हैं और इसी दबाव के चलते उन्होंने भारत के किसानों तथा छोटे उद्योगों के हितों के साथ समझौता कर लिया।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पीएम मोदी ने बिना अपनी कैबिनेट या किसी अधिकारी को सूचित किए, महज पांच मिनट में इस अंतरराष्ट्रीय समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। उन्होंने भरे मंच से खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें बहस का मौका मिले, तो वह सिर्फ पांच मिनट में यह साबित कर देंगे कि पीएम मोदी ट्रंप के इशारों पर काम कर रहे हैं।
रैली के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारी भीड़ के साथ ‘जय पंजाब’ के नारे लगाए और राज्य के लिए पार्टी का अघोषित घोषणापत्र पेश किया। राहुल गांधी ने भी जनता को सचेत करते हुए अपने भाषण का समापन किया कि अगर राज्य में उद्योग, कारखाने और खेती नहीं बची, तो यहां सिर्फ सड़कों पर गोलियां चलेंगी और नशे व गैंगस्टर राज का ही बोलबाला रहेगा।
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