अहमदाबाद – इंजीनियर डे के अवसर पर अडानी सीमेंट, जो दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी बिल्डिंग मटेरियल्स और सॉल्यूशंस कंपनी है तथा अडानी ग्रुप पोर्टफोलियो का हिस्सा है, ने ‘Adani Cement FutureX’ नामक राष्ट्रव्यापी अकादमिक-इंडस्ट्री एंगेजमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य कक्षाओं को वास्तविक दुनिया की इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी चुनौतियों से जोड़ना है।
कार्यक्रम के तहत अडानी सीमेंट 100 प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों (आईआईटी, एनआईटी, शीर्ष निजी और राज्य स्तरीय कॉलेज) और 70 शहरों के 100 से अधिक स्कूलों के साथ जुड़ रहा है। इसका मकसद युवाओं को भविष्य-उन्मुख बिजनेस मॉडल, सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन और नेक्स्ट-जनरेशन बिल्डिंग सॉल्यूशंस के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
- अडानी सीमेंट स्मार्ट लैब – लाइव सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल और मिनी रोटरी किल्न, जिससे छात्रों को सीमेंट की केमिस्ट्री, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
- STEM एवं बियॉन्ड लर्निंग – नैनोमटेरियल्स टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड बिल्डिंग मटेरियल्स और ईवी उपकरणों पर इनोवेशन आधारित शिक्षण।
- फील्ड विज़िट्स – नवी मुंबई के कलांबोली स्थित अत्याधुनिक R&D सेंटर और देशभर के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का दौरा।
- नॉलेज सेशंस एवं लीडरशिप एंगेजमेंट – विशेषज्ञों और लीडरशिप द्वारा नवाचार, फाइनेंस और मार्केटिंग पर वर्कशॉप्स।
- सहयोगात्मक अनुसंधान – नए मटेरियल्स, डिकार्बोनाइजेशन, सर्कुलैरिटी और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन पर संयुक्त रिसर्च।
- करियर पाथवे – इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू अवसर।
- यूथ एंगेजमेंट – क्विज़ सीरीज़, फेस्ट्स, हैकाथॉन और #BuildWithAdani डिजिटल कैंपेन।
अडानी ग्रुप के सीईओ (सीमेंट बिजनेस) विनोद बहेती ने कहा,
“Adani Cement FutureX हमारी प्रतिबद्धता है कि हम अकादमिक जगत के साथ साझेदारी को बढ़ाएं और इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी व टैलेंट डेवलपमेंट को तेज करें। यह पहल युवाओं को जिज्ञासा से करियर तक की सहज यात्रा उपलब्ध कराएगी और भारत की विकास गाथा को नई ऊर्जा देगी।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत की प्रगति में युवाओं की शक्ति सबसे बड़ा driving force है और कंपनी का विश्वास है – “पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया।”
अडानी चेयरमैन की दृष्टि से मेल खाता कदम
यह कार्यक्रम अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की उस दृष्टि से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने शिक्षा को “मंदिर” और छात्रों को भारत के “नए स्वतंत्रता सेनानी” बताया था।
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