नागपुर: ‘एडवांटेज विदर्भ 2026’ के मंच से अडानी समूह के जीत अडानी ने विदर्भ के विकास को लेकर समूह की लंबी अवधि की योजनाओं को साझा किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि विदर्भ में अडानी समूह की उपस्थिति केवल लेन-देन (transactional) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों (generational) का रिश्ता है। उन्होंने ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।
70,000 करोड़ का निवेश और 30,000 प्रत्यक्ष रोजगार
जीत अडानी ने अपने संबोधन में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा लिंगा, कलमेश्वर में स्थापित होने वाले ‘इंटीग्रेटेड कोल गैसीफिकेशन एंड डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव्स कॉम्प्लेक्स’ को लेकर की।
उन्होंने बताया कि 70,000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट 30,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा। यह परियोजना न केवल महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा देगी, बल्कि नागपुर को स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के वैश्विक मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में विदर्भ बना रीढ़
विदर्भ को भारत की ऊर्जा कहानी का केंद्र बताते हुए, जीत अडानी ने कहा कि अडानी समूह महाराष्ट्र को 6,600 मेगावाट विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। इसमें खावड़ा से सौर ऊर्जा और थर्मल सप्लाई का संयोजन शामिल है।
उन्होंने जानकारी दी कि 2025 में समूह ने 600 मेगावाट के बूटीबोरी पावर प्लांट को पुनर्जीवित किया। इसके अलावा, तिरोड़ा में महाराष्ट्र का सबसे बड़ा 3,300 मेगावाट का सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट पहले से ही संचालित है।
एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में नागपुर
नागपुर को एविएशन और लॉजिस्टिक्स का हब बनाने की दिशा में समूह के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि मिहान (MIHAN) में 30 एकड़ का MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) कॉम्प्लेक्स अब 15 एयरक्राफ्ट बे के साथ विस्तारित हो चुका है।
‘इंदापेर टेक्विक्स प्रा. लि.’ के अधिग्रहण और एयर वर्क्स के ग्लोबल नेटवर्क के साथ एकीकरण से नागपुर अंतरराष्ट्रीय विमान रखरखाव का केंद्र बन रहा है। साथ ही, बोरखेड़ी में 75 एकड़ का आईसीडी (ICD) और महाराष्ट्र भर में 24 बॉर्डर चेक पोस्ट का अधिग्रहण लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद कर रहा है।
जिम्मेदार खनन और स्थिरता (Sustainability)
पर्यावरण और स्थिरता पर जोर देते हुए जीत अडानी ने गोंडखैरी स्थित भूमिगत खदान का उदाहरण दिया। उन्होंने इसे जिम्मेदार खनन का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ बताया, जहां शून्य विस्थापन, शून्य ब्लास्टिंग और वर्षा जल संचयन जैसी तकनीकें अपनाई गई हैं। समूह ने 2030 तक 10 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है।
नेतृत्व की सराहना
जीत अडानी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर केवल इंजीनियरिंग नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण है। वहीं, देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों ने विदर्भ को क्षमता (potential) से आगे बढ़ाकर प्रगति (progress) की राह पर ला खड़ा किया है।
सामाजिक सरोकार
अडानी फाउंडेशन के माध्यम से समूह गोंदिया और नागपुर में स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण (43 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से) के लिए काम कर रहा है। जीत अडानी ने अंत में कहा कि विदर्भ अपने नाम के अनुरूप—जिसका अर्थ है ‘विशिष्ट और मजबूत’—भारत की विकास गाथा को परिभाषित करने के लिए तैयार है।
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