रांची: पूर्वी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करते हुए, अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को झारखंड और बिहार में चल रही समूह की प्रमुख परियोजनाओं का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दोनों राज्यों में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रमुख बिजली निवेशों की गहन समीक्षा की।
इस दौरे को लेकर कंपनी के प्रवक्ता ने दोनों राज्यों में चल रहे प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी साझा की है:
झारखंड: गोड्डा पावर प्लांट का परिचालन जारी
गौतम अडानी ने झारखंड के आदिवासी बहुल गोड्डा जिले में स्थापित ताप बिजली संयंत्र (थर्मल पावर प्लांट) के परिचालन की समीक्षा की। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- क्षमता और निवेश: यह 1,600 मेगावाट क्षमता वाला एक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप बिजली संयंत्र है, जिसे 16,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से तैयार किया गया है।
- बांग्लादेश को आपूर्ति: यह संयंत्र इसलिए भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक दीर्घकालिक समझौते के तहत विशेष रूप से पड़ोसी देश बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति करता है।
- रोजगार और विकास: कंपनी का दावा है कि इस सुविधा के शुरू होने से क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं और साथ ही रेल संपर्क भी मजबूत हुआ है।
बिहार: भागलपुर के पीरपैंती में बड़े निवेश की तैयारी
झारखंड के बाद, अडानी ने पड़ोसी राज्य बिहार का भी रुख किया। यहाँ उन्होंने भागलपुर के पास पीरपैंती में समूह की प्रस्तावित ऊर्जा परियोजना की प्रगति का जायजा लिया।
- विशाल निवेश: इस प्रस्तावित अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल बिजली परियोजना में 27,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी निवेश शामिल है।
- क्षमता और लक्ष्य: 2,400 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना के अगले चार से पांच वर्षों में चालू होने की उम्मीद है।
- उद्देश्य: प्रवक्ता के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य बिहार में तेजी से बढ़ती औद्योगिक और शहरी बिजली की मांग को सफलतापूर्वक पूरा करना है।
आपको बता दें कि देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ताप बिजली उत्पादक कंपनी, अडानी पावर (एपीएल) को पिछले साल अगस्त में बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) से एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इस समझौते के तहत कंपनी को 25 वर्षों तक बिजली की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए आवंटन पत्र (एलओए) प्रदान किया गया था।
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