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अडाणी टोटल गैस ने CNG और घरेलू PNG की कीमतें नहीं बढ़ाईं, कुछ उद्योगों के लिए गैस आपूर्ति घटाई

| Updated: March 6, 2026 16:25

पश्चिम एशिया संकट के चलते अडाणी टोटल गैस (ATGL) ने उद्योगों की गैस सप्लाई घटाई, लेकिन आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की कीमतें स्थिर रखी हैं।

नई दिल्ली: अडाणी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) ने सीएनजी (CNG) और पाइप वाली घरेलू रसोई गैस (PNG) की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की है। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने से कंपनी ने कुछ बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति को सीमित कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

आम उपभोक्ताओं को राहत

कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि ATGL की कुल गैस मात्रा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा घरेलू स्तर पर प्राप्त किया जाता है। इसकी आपूर्ति सीएनजी उपयोगकर्ताओं और घरेलू रसोई (पीएनजी-घरेलू) के ग्राहकों को की जाती है। इन वाहन मालिकों और आवासीय घरों के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

औद्योगिक और वाणिज्यिक आपूर्ति पर असर

अडाणी ग्रुप और फ्रांसीसी ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टोटलएनर्जीज (TotalEnergies) के संयुक्त उद्यम, ATGL द्वारा शेष 30 प्रतिशत गैस आयातित एलएनजी (LNG) के माध्यम से प्राप्त की जाती है, जिसकी आपूर्ति वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को की जाती है।

पश्चिम एशिया में युद्ध बढ़ने के कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही रुक गई है। यह वही संकरा समुद्री मार्ग है जहां से भारत को अपने कच्चे तेल और एलएनजी का एक बड़ा हिस्सा मिलता है। इस वजह से आयातित ईंधन खंड में बाधा उत्पन्न हुई है।

40% तक घटेगी खपत, जानिए क्या होंगी दरें

पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी इस सप्लाई चेन बाधा के कारण, वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों को अपनी खपत को अनुबंधित मात्रा (Contracted Volumes) के 40 प्रतिशत तक कम करने के लिए कहा गया है।

ग्राहकों को 40 प्रतिशत की सीमा तक खपत के लिए उनके अनुबंधित दरों पर ही बिल भेजा जाएगा, जिससे उन्हें जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोतों की ओर रुख करने का लचीलापन मिलेगा। यह अनुबंधित कीमत औसतन लगभग 40 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (scm) है।

अधिकारी ने बताया कि स्पॉट मार्केट की दरें केवल इस सीमा (40%) से अधिक की खपत पर ही लागू होंगी। यदि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोगकर्ता 40 प्रतिशत की सीमा से अधिक गैस का उपयोग करते हैं, तो उनसे इस अतिरिक्त मात्रा पर 119 रुपये प्रति scm का शुल्क लिया जाएगा।

स्पॉट कीमतों में भारी उछाल
स्पॉट कीमत उस वैकल्पिक गैस सोर्सिंग को दर्शाती है जो कंपनी को आयातित एलएनजी की कमी को पूरा करने के लिए करनी पड़ी है। शांति काल में एलएनजी की कीमतें 10 अमेरिकी डॉलर प्रति mmBtu (मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) थीं, जबकि वर्तमान स्पॉट दरें इसके दोगुने से भी अधिक होकर 24-25 अमेरिकी डॉलर प्रति mmBtu तक पहुंच गई हैं।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह आपूर्ति की चुनौतियों का प्रबंधन करने और सभी खंडों में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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