अहमदाबाद: साबरमती रिवरफ्रंट की शान माने जाने वाले ‘इंटरनेशनल फ्लावर शो’ ने अपने 14वें वर्ष में प्रवेश तो कर लिया है, लेकिन इस बार का सफर उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। एक तरफ जहां इस भव्य आयोजन को तैयार करने की लागत साल-दर-साल बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
स्थिति यह है कि पिछले तीन वर्षों में टिकट बिक्री से होने वाली कमाई, शो के इंस्टॉलेशन (स्थापना) पर हुए खर्च की भरपाई करने में भी नाकाफी साबित हुई है।
इस घटते रुझान को देखते हुए, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने रविवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए फ्लावर शो की अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। अब यह शो 29 जनवरी तक जनता के लिए खुला रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे आगंतुकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
भीड़ बढ़ाने की कवायद और नाइट वीआईपी स्लॉट खत्म
दर्शकों को आकर्षित करने और व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन ने कुछ बदलाव किए हैं। अब रात के समय मिलने वाली ‘वीआईपी एंट्री’ को खत्म कर दिया गया है, जिसके तहत पहले लोग प्रीमियम चार्ज देकर एक घंटे के लिए शो का आनंद ले सकते थे।
अधिकारियों और आम जनता की प्रतिक्रिया के अनुसार, इस साल भीड़ कम होने के मुख्य कारण ‘महंगे टिकट’ और सड़कों पर लगने वाली कतारों के कारण हुआ ‘ट्रैफिक जाम’ है।
आंकड़ों की जुबानी: 2.5 लाख से ज्यादा दर्शक घटे
AMC के पास 18 जनवरी तक उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालें, तो पिछले साल की तुलना में इस बार दर्शकों की संख्या में भारी गिरावट आई है।
- साल 2024: 18 दिनों के भीतर लगभग 9.06 लाख लोग फ्लावर शो देखने पहुंचे थे।
- इस साल: समान अवधि में यह संख्या घटकर महज 6.52 लाख रह गई है।
इस प्रकार, सीधे तौर पर 2.5 लाख से अधिक दर्शकों की कमी दर्ज की गई है। एएमसी के पार्क और उद्यान विभाग के प्रधान महानिदेशक, अमरीश सी. पटेल ने सोमवार को बताया, “इस साल संख्या में गिरावट के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं। हमें जो फीडबैक मिला है, उसके मुताबिक ट्रैफिक की समस्या और टिकट की कीमत इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।”
यहां तक कि उत्तरायण (14 और 15 जनवरी) की छुट्टियों पर भी भीड़ ने निराश किया। पिछले साल जहां मकर संक्रांति (14 जनवरी) पर एक ही दिन में एक लाख से ज्यादा लोग आए थे, वहीं इस बार दोनों छुट्टियों को मिलाकर कुल 78,700 एंट्रियां ही दर्ज की गईं।
टिकट की कीमतें और प्रवेश के नियम
नए साल के पहले दिन शुरू हुए इस शो को पहले 22 जनवरी को समाप्त होना था। इस बार टिकट की दरें कुछ इस प्रकार हैं:
- सोमवार से शुक्रवार: 80 रुपये।
- शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्टियां: 100 रुपये।
- प्रीमियम स्लॉट (VIP): 500 रुपये।
छूट: 12 साल तक के बच्चों, एएमसी स्कूलों के छात्रों, दिव्यांगजनों और सैनिकों के लिए सभी दिनों में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है।
प्रीमियम स्लॉट का समय सुबह 8 से 9 बजे और रात 10 से 11 बजे तक था, लेकिन अब रात का स्लॉट रद्द कर दिया गया है।
‘भारत एक गाथा’ थीम और 17 करोड़ का खर्च
साल 2013 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के साथ शुरू हुआ यह शो अब एक विशाल थीम-आधारित प्रदर्शनी बन चुका है।
- थीम: इस वर्ष साबरमती रिवरफ्रंट इवेंट सेंटर में आयोजित शो की थीम ‘भारत एक गाथा’ है।
- आकर्षण: यहां आगामी बुलेट ट्रेन, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), खेल, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को फूलों की मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया है।
इस आयोजन को तैयार करने में करीब 17 करोड़ रुपये की लागत आई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “इस लागत के मुकाबले हमने अब तक टिकटिंग, प्रायोजन (Sponsorship) और स्टॉल के किराये से लगभग 10 करोड़ रुपये कमाए हैं। इस साल माइक्रो इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) के उपयोग से पानी के खर्च में भारी कटौती की गई है, जो आमतौर पर एक बड़ा खर्चा होता है।”
अवधि बढ़ने से बढ़ेगी रखरखाव की चुनौती
शो को एक सप्ताह आगे बढ़ाने से जहां एक तरफ दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, वहीं मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ेगा। पुणे और कोलकाता से मंगवाए गए ‘कट फ्लावर्स’ (सजावटी फूल) जो मूर्तियों पर लगे हैं, उन्हें हर तीसरे-चौथे दिन बदलना पड़ता है। अब 29 दिनों के आयोजन में फूलों को बदलने के राउंड 6 से बढ़कर 8 हो जाएंगे, जिससे बजट पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
नया समय और नियम (16 जनवरी से प्रभावी)
प्रशासन ने दर्शकों की सुविधा के लिए समयसारिणी में भी बदलाव किया है:
- अब फ्लावर शो रात 10 बजे तक खुला रहेगा (पहले 9 बजे तक था)।
- टिकट काउंटर रात 9 बजे बंद हो जाएंगे।
- सभी दर्शकों को रात 10 बजे तक परिसर खाली करना होगा।
- रात की वीआईपी व्यवस्था बंद है, लेकिन सुबह का लाभ उठाया जा सकता है। इसके लिए टिकट सुबह 7 से 8 बजे के बीच लेना होगा और विजिट का समय सुबह 8 से 9 बजे तक रहेगा।
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