बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना की घटनाओं में कमी आती नहीं दिख रही है। ताजा मामला नौगाँव (Naogaon) से सामने आया है, जहां एक हिंदू व्यक्ति की भीड़ के डर से जान चली गई। पुलिस के अनुसार, चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा पीछा किए जाने पर एक व्यक्ति ने बचने के लिए पानी में छलांग लगा दी, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान मिथुन सरकार के रूप में हुई है।
पुलिस ने क्या कहा?
नौगाँव के पुलिस अधीक्षक (SP) मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया, “भीड़ ने उस पर चोरी का आरोप लगाया और उसे पकड़ने के लिए दौड़ पड़ी। खुद को बचाने की हताशा में मिथुन ने पानी में छलांग लगा दी, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी जान नहीं बच सकी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फायर सर्विस की मदद से उसका शव बरामद किया। फिलहाल हम पोस्टमॉर्टम करवा रहे हैं और घटना की गहनता से जांच की जा रही है।”
दिसंबर से जारी है हमलों का दौर
यह घटना कोई अकेली वारदात नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। देश में पिछले साल दिसंबर में प्रमुख छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से ही अशांति का माहौल है और इसका खामियाजा वहां के हिंदू समुदाय को भुगतना पड़ रहा है।
एक के बाद एक कई हत्याएं
बीते कुछ हफ्तों में कई हिंदू नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है:
- 18 दिसंबर: हिंसा की शुरुआत तब हुई जब हादी की मौत की खबर फैलते ही दीपू चंद्र दास नामक व्यक्ति को भीड़ ने निशाना बनाया। ईशनिंदा की झूठी अफवाहों के चलते भीड़ ने उन्हें पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया था। बाद में जांच में यह अफवाह पूरी तरह झूठी निकली।
- 24 दिसंबर: राजबाड़ी शहर के पांशा उपजिला में कथित जबरन वसूली के आरोप में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग कर दी गई।
- 3 जनवरी: नए साल की शुरुआत भी खौफनाक रही, जब 3 जनवरी को 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर क्रूर हमला किया गया। हमलावरों ने उन्हें काटा और आग के हवाले कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
सोमवार को दोहरे हत्याकांड से दहला समुदाय
ताजा घटनाक्रम से ठीक पहले, सोमवार को अलग-अलग जगहों पर दो हिंदू व्यवसायियों की हत्या कर दी गई:
- राणा प्रताप बैरागी की हत्या: सोमवार शाम करीब 5:45 बजे जेशोर (Jessore) जिले के कपालिया बाजार में 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे एक अखबार के कार्यवाहक संपादक भी थे। खुलना डिवीजन के केशबपुर उपजिला स्थित अरुआ गांव के निवासी राणा के सिर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी।
- मोनी चक्रवर्ती की हत्या: इसी दिन रात करीब 11 बजे नरसिंहदी (Narsingdi) शहर में एक और वारदात हुई। पलाश उपजिला के चारसिंधुर बाजार में अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे 40 वर्षीय किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती पर अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। पलाश थाने के प्रभारी साहेद अल मामून के अनुसार, शिबपुर उपजिला के मदन ठाकुर के बेटे मोनी की मौके पर ही मौत हो गई। हाल के हफ्तों में मारे जाने वाले वे तीसरे हिंदू व्यवसायी हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में रह रहे हिंदू समुदाय के भीतर सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और डर पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा जांच की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
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