बेंगलुरु: अपने ‘एआई-पावर्ड ट्रैफिक-मॉनिटरिंग हेलमेट’ को लेकर सुर्खियां बटोरने वाले बेंगलुरु के एक टेक एक्सपर्ट ने सोशल मीडिया पर फिर से हलचल मचा दी है। इस बार उन्होंने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉट तैयार किया है, जिसने उनकी कुक (रसोइया) को किचन से सामान चुराते, गंदे हाथों से खाना बनाते और काम से जी चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
कैमरे से जुड़े इस बॉट का नाम उन्होंने ‘एआई रूममेट’ (AI roommate) रखा है। इस डिवाइस ने करीब दो हफ्ते तक किचन में कुक की हर हरकत की बारीकी से निगरानी की।
कुक की हरकतों पर रखी पैनी नजर त
नवर नाम के इस टेक एक्सपर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपना यह अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया, “मेरी कुक फ्रिज से फल चुरा रही थी, इसलिए मैंने किचन में अपना ‘एआई रूममेट’ तैनात कर दिया। उसने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।”
तनवर ने आगे बताया कि जब कुक खाना बना रही होती है, तो यह बॉट किचन की निगरानी करता है। जैसे ही वह कोई भी चीज उठाती है, सिस्टम तुरंत उन्हें पिंग (मैसेज) कर देता है। इतना ही नहीं, यह उन्हें साप्ताहिक रिपोर्ट भी भेजता है। तनवर ने इस एआई को यह जांचने के लिए भी खास तौर पर ट्रेन किया है कि कुक खाना बनाने से पहले हाथ धोती है या नहीं, और काम खत्म होने के बाद स्लैब ठीक से साफ करती है या नहीं।
तनवर अपनी कुक को 4,800 रुपये प्रति माह का वेतन देते थे। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते उसे दो बार चोरी करते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत उसे नौकरी से निकाल दिया (फायर कर दिया)।
कैसे काम करता है ‘एआई रूममेट’?
तनवर और उनके एआई बॉट के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट के अनुसार, सिस्टम ने कुक की हर छोटी-बड़ी गतिविधि को फ्लैग किया। इसमें कुक के आते ही फ्रिज खोलने, सेब निकालने, ब्लूबेरी खाने और बिना हाथ धोए खाना बनाने जैसी बातें शामिल थीं।
एआई रूममेट के लॉग में लिखा था: “वह शाम 7.12 बजे आई। सबसे पहले उसने फ्रिज खोला — यह देखने के लिए नहीं कि क्या पकाना है। वह बस कुछ देर वहां खड़ी रही, दो सेब लिए और अपने बैग में रख लिए। फिर खाना बनाना शुरू किया। 47 मिनट तक पकाया। सिर्फ दो बार हाथ धोए। डस्टबिन का ढक्कन छुआ, अपनी नाक खुजाई और उन्हीं हाथों से आपकी रोटी बेली। आपके खाना खाने के बाद यह सब बताया — मेरी गलती।”
इस घटना के बाद तनवर ने सिस्टम को ‘रियल-टाइम अलर्ट’ देने के लिए सेट कर दिया।
एक साप्ताहिक रिपोर्ट का चौंकाने वाला डेटा:
एआई रूममेट ने अपनी एक वीकली रिपोर्ट में कुक का पूरा चिट्ठा खोलकर रख दिया:
चोरी: खाना पकाने से पहले 4 बार फ्रिज खोला। 3 सेब गायब। मंगलवार का केला गायब। गुरुवार को फ्रिज के पास खड़े होकर 6-7 ब्लूबेरी खाते हुए पकड़ी गई।
सफाई: 7 में से 5 दिन खाना पकाने से पहले हाथ धोए।
स्लैब की सफाई: स्लैब 7 बार पोंछा, लेकिन हमेशा सिर्फ सामने दिखने वाला हिस्सा। सोमवार से स्टोव के पीछे की जगह को छुआ तक नहीं गया है।
काम का समय: पूरे हफ्ते खाना पकाने का समय लगातार 35 मिनट से कम रहा — सिस्टम ने टिप्पणी की, “वह फुर्तीली है, यह बात तो सच है।”
तनवर ने निगरानी को कैसे सही ठहराया?
जब ‘एक्स’ पर एक यूजर ने तनवर से पूछा कि उन्होंने कुक को सीधे खाना ऑफर क्यों नहीं किया, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह पहले भी दो बार इस मामले में उसे टोक चुके थे, लेकिन वह बिना अनुमति के सामान लेती रही। तनवर ने साफ किया, “अगर वह मेरी इजाजत से खाना लेती है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन चोरी करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है।”
एक अन्य यूजर ने सवाल किया कि कैमरा साफ दिखने के बावजूद कुक सतर्क क्यों नहीं हुई? इस पर तनवर ने बताया कि यह डिवाइस हफ्तों पहले लगाया गया था। शुरुआत में उसने अपना व्यवहार सुधारा था, लेकिन फिर यह सोचकर कि “इतने घंटों के वीडियो कौन ही देखेगा”, वह वापस अपनी पुरानी आदतों पर लौट आई।
तनवर ने अपने एआई रूममेट को “थोड़ा सख्त” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यह उन चीजों को भी पकड़ रहा है जिन पर वह खुद कभी ध्यान नहीं दे पाते। इसके अलावा, रात में सोते समय यह एआई रूममेट उनके पंखे की स्पीड भी कंट्रोल करता है। उनके अगले अपग्रेड प्लान में ‘गैस-लीक डिटेक्शन’ (गैस रिसाव का पता लगाना) और ‘आइडल-टाइम ट्रैकिंग’ (खाली बैठने का समय ट्रैक करना) शामिल हैं।
इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
इस घटना को लेकर ऑनलाइन यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे लेकर मीम्स और डार्क ह्यूमर शेयर कर रहे हैं, तो कुछ लोग घरेलू कर्मचारियों की निगरानी के लिए वर्कप्लेस वाले एआई टूल्स के इस्तेमाल को लेकर नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं। एक यूजर ने तो मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि सिस्टम में ऑडियो फीचर जोड़ दिया जाए ताकि अगली बार चोरी होने पर यह जोर से चिल्ला सके।
टेक एक्सपर्ट का एआई प्रोजेक्ट्स का पुराना इतिहास
तनवर के तकनीकी प्रयोगों का वायरल होना कोई नई बात नहीं है। इसी साल जनवरी में, उन्होंने अपने साधारण हेलमेट को ‘एआई-पावर्ड ट्रैफिक-वॉयलेशन रिकॉर्डर’ में तब्दील करके राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं।
यह डिवाइस रियल टाइम में नियम तोड़ने वालों की पहचान कर सीधे बेंगलुरु पुलिस को सबूत ईमेल करता था। इसके बाद खुद पुलिस विभाग ने सिस्टम को समझने और इसके संभावित इस्तेमाल पर चर्चा करने के लिए उनसे संपर्क किया था।
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