लंदन: अक्सर आपने भारतीय ट्रेनों में “समोसे ले लो” की आवाज सुनी होगी, लेकिन क्या आप लंदन की भूमिगत ट्रेन (Tube) में इसकी कल्पना कर सकते हैं? इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इंटरनेट की जनता को जितना हैरान किया है, उतना ही हंसाया भी है। इस वीडियो में एक भारतीय शख्स लंदन की ट्रेन में देसी अंदाज में समोसे बेचता नजर आ रहा है, और यही वजह है कि लोग इस वीडियो को बार-बार देख रहे हैं।
कौन है यह ‘समोसे वाला’?
वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति लंदन स्थित एक भोजनालय का मालिक है, जिसका नाम ‘घंटावाला बिहारी समोसा’ (Ghantawala Bihari Samosa) है। यह क्लिप साउथ हैरो अंडरग्राउंड ट्यूब स्टेशन (South Harrow Underground Tube Station) पर शूट की गई मालूम होती है।
पारंपरिक भारतीय कपड़ों में सजे-धजे, यह शख्स हाथों में गरमा-गर्म समोसों की ट्रे लेकर ट्रेन के डिब्बे में चलता है और पूरे आत्मविश्वास के साथ ऐलान करता है, “यहाँ के लोग अब क्रोइसैन (croissants) नहीं खाएंगे। वे बिहारी के समोसे खाएंगे।”
क्या यह पब्लिसिटी स्टंट है?
वीडियो केवल ट्रेन तक सीमित नहीं है। इसमें उन्हें अपनी किचन में ताजे समोसे तलते हुए और फिर पुदीने और इमली की चटनी के साथ तैयार करते हुए भी दिखाया गया है। इसके बाद वे ट्रेन के एक लगभग खाली डिब्बे में यात्रियों को समोसे ऑफर करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि वीडियो में वे जिन लोगों को समोसे परोसते नजर आ रहे हैं, वे सभी भारतीय मूल के लग रहे हैं। इसे देखकर सोशल मीडिया पर कई लोगों का मानना है कि यह वास्तव में यात्रियों को समोसे बेचने की कोशिश नहीं, बल्कि दुकान के प्रचार के लिए बनाया गया एक ‘स्क्रिप्टेड’ वीडियो या रील है।
9.3 मिलियन व्यूज और मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो ने इंस्टाग्राम पर तहलका मचा दिया है और इसे अब तक लगभग 9.3 मिलियन (93 लाख) बार देखा जा चुका है। हालांकि, इसे लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने इसे नापसंद किया और इसे शर्मनाक करार दिया।
कमेंट सेक्शन में कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.
एक यूजर ने लिखा, “कृपया बिक्री के लिए ऐसा न करें, इससे भारतीयों की छवि खराब होती है।”
दूसरे ने कहा, “इसे देखकर मुझे असहजता (uncomfortable) महसूस हुई।”
वहीं एक ने तो यहाँ तक लिख दिया, “बता दो कि यह एआई (AI) है।”
‘रिवर्स कॉलोनाइजेशन’ के जोक्स भी चले
हर कोई नाराज नहीं था। कुछ दर्शकों को यह विचार और अंदाज काफी पसंद आया। कुछ लोगों ने मजाक में इसे ‘रिवर्स कॉलोनाइजेशन’ (उल्टा उपनिवेशवाद) कहा, तो किसी ने भविष्य की कल्पना करते हुए कहा कि यूरोप में समोसे सच में क्रोइसैन की जगह ले लेंगे। कुछ यूजर्स ने इच्छा जताई कि अगर ऐसा कॉन्सेप्ट दुबई जैसे शहरों में आए, तो वे खुशी-खुशी इन समोसों को चखना चाहेंगे।
पहले भी हो चुके हैं वायरल
यह पहली बार नहीं है जब यह रेस्टोरेंट मालिक सुर्खियों में आया है। इससे पहले सितंबर महीने में भी वे लंदन की सड़कों पर समोसे बेचने को लेकर चर्चा में आए थे।
चाहे लोग इसे एक साहसिक कदम मानें, अजीबोगरीब हरकत कहें या फिर मार्केटिंग का बेहतरीन नमूना, एक बात तय है—लंदन की ट्रेन में समोसे बेचने के इस वाकये को इंटरनेट इतनी जल्दी भुलाने वाला नहीं है।
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