comScore कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल ने पहले ही साल में छुआ 10 लाख TEU का आंकड़ा, अडानी पोर्ट्स के वैश्विक विस्तार को बड़ी मजबूती - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल ने पहले ही साल में छुआ 10 लाख TEU का आंकड़ा, अडानी पोर्ट्स के वैश्विक विस्तार को बड़ी मजबूती

| Updated: March 18, 2026 19:59

पहले ही साल में 10 लाख टीईयू का रिकॉर्ड : जानें अडानी पोर्ट्स के 800 मिलियन डॉलर वाले इस मेगा प्रोजेक्ट की खासियत

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के वैश्विक विस्तार को एक बड़ी मजबूती मिली है। श्रीलंका के कोलंबो पोर्ट पर स्थित कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल ने अपने संचालन के पहले ही साल में 10 लाख टीईयू का आंकड़ा पार कर लिया है।

अप्रैल 2025 में शुरू हुआ यह टर्मिनल कोलंबो पोर्ट का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला टर्मिनल बन गया है। कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल अब दुनिया के उन चुनिंदा टर्मिनलों में शामिल हो गया है जिन्होंने पहले ही साल में इतनी बड़ी क्षमता हासिल की है।

यह प्रोजेक्ट एपीएसईजेड, जॉन कील्स होल्डिंग्स पीएलसी और श्रीलंका पोर्ट प्राधिकरण की एक मजबूत पार्टनरशिप का हिस्सा है। श्रीलंका के प्रमुख पोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक इस टर्मिनल में करीब 800 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया है।

कोलंबो पोर्ट एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप को जोड़ने वाला एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब है। यह ईस्ट-वेस्ट शिपिंग रूट के बेहद करीब स्थित है, जिस कारण बड़े जहाज यहां आना पसंद करते हैं। आमतौर पर टर्मिनलों को अपनी क्षमता बढ़ाने में सालों लग जाते हैं, लेकिन कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल ने यह काम पहले ही साल में कर दिखाया है।

यह कोलंबो का पहला फुली ऑटोमेटेड डीप-वॉटर टर्मिनल है, जिसकी क्वे 1,400 मीटर लंबी और पानी की गहराई करीब 20 मीटर है। यह टर्मिनल अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर वेसल्स को आसानी से संभाल सकता है। इसकी सालाना क्षमता करीब 32 लाख टीईयू है, जिससे कोलंबो पोर्ट की कुल क्षमता में भारी इजाफा हुआ है।

टर्मिनल में आधुनिक क्रेन और डिजिटल सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे जहाजों का टर्नअराउंड टाइम कम हुआ है और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ी है। यह उपलब्धि कोलंबो की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करती है।

यहां आने वाला बड़ा कार्गो ट्रांसशिपमेंट का होता है, जिसमें भारत से जुड़ा कार्गो भी काफी अहम है। गौरतलब है कि एपीएसईजेड भारत का सबसे बड़ा निजी पोर्ट नेटवर्क है जो देश के करीब 45% कंटेनर कार्गो को संभालता है। वर्तमान में कंपनी भारत में 15 और विदेशों में 4 पोर्ट संचालित कर रही है।

यह भी पढ़ें-

गुजरात यूनिवर्सिटी की शर्मनाक लापरवाही: महिला रेसलिंग टीम के साथ कोच की जगह भेज दिया चपरासी!

ऊना कांड: नौ साल का लंबा इंतजार और एक खोखला न्याय

Your email address will not be published. Required fields are marked *