अहमदाबाद/धोलका: गुजरात के धोलका में भरोसे के कत्ल का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पीढ़ियों पुराने एक प्रतिष्ठित ज्वैलरी हाउस पर भरोसा करना 56 निवेशकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि करीब 100 साल पुराने इस ज्वैलर परिवार ने चांदी में निवेश के नाम पर लोगों से करीब 30 करोड़ रुपये ठग लिए और रातों-रात फरार हो गए।
इसे गुजरात की सबसे दुस्साहसिक ‘पोंजी स्कीम’ में से एक माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले आरोपी घनश्याम सोनी और उनके बेटे यश व दीप हैं, जो इस खानदानी ज्वैलरी बिजनेस की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में यह पूरा परिवार अचानक गायब हो गया। उनके मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं और घर व दुकान समेत सभी ठिकानों पर ताले लटके हुए हैं।
चांदी की चमक दिखाकर बुना गया जाल
अहमदाबाद ग्रामीण के एसपी ओमप्रकाश जाट ने मामले की गंभीरता को समझाते हुए बताया कि आरोपियों ने ठगी के लिए फिजिकल सिल्वर (चांदी की धातु) को हथियार बनाया। उन्होंने पहले अपने लंबे समय से चले आ रहे पुश्तैनी कारोबार के जरिए बाजार में विश्वसनीयता बनाई और फिर चांदी में निवेश की एक ऐसी स्कीम लॉन्च की, जिसमें अकल्पनीय मुनाफे का वादा किया गया था।
जांच में सामने आया है कि यह स्कीम करीब दो साल से चल रही थी। जब बाजार में चांदी की कीमत लगभग 80,000 रुपये प्रति किलो थी, तब आरोपियों ने निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बेपरवाह, प्रति किलो 3,000 से 5,000 रुपये का फिक्स्ड मासिक रिटर्न देने का वादा किया था।
शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें अच्छा रिटर्न दिया गया, जिससे लालच में आकर लोगों ने और बड़ी रकम निवेश कर दी।
6.4 करोड़ से शुरू हुई शिकायत, 30 करोड़ तक पहुंची आंच
धोलका टाउन पुलिस ने विश्वासघात और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। शुरुआत में 16 निवेशक पुलिस के पास पहुंचे थे, जिन्होंने 6.4 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। यह पैसा चांदी खरीदने और ज्वैलरी बनवाने के नाम पर लिया गया था।
हालांकि, जैसे-जैसे पुलिस की कई टीमों ने जांच का दायरा बढ़ाया, इस घोटाले की असली तस्वीर सामने आने लगी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने जांच में लगभग 40 और ऐसे निवेशकों की पहचान की है जो इस ठगी का शिकार हुए हैं। अब तक यह आंकड़ा 30 करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुका है और जैसे-जैसे और पीड़ित सामने आएंगे, इस रकम के बढ़ने की पूरी आशंका है।”
लग्जरी लाइफस्टाइल और पूर्व-नियोजित साजिश
पुलिस जांच में पता चला है कि जैसे-जैसे निवेश की रकम बढ़ती गई, आरोपियों ने चांदी की डिलीवरी रोक दी और पुराने निवेशकों को नए लोगों से मिले पैसों से भुगतान करना शुरू कर दिया। पिछले साल दिवाली से ठीक पहले, आरोपियों ने धोलका के कालीकुंड इलाके में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से एक आलीशान शोरूम खोला और एक महंगी लग्जरी कार भी खरीदी।
दिवाली के दौरान जब निवेशकों ने अपने पैसे या चांदी की मांग की, तो आरोपियों ने त्योहार की भीड़ का बहाना बनाकर टाल दिया और कहा कि दिवाली के बाद मुनाफे के साथ पूरा हिसाब कर दिया जाएगा। लेकिन त्योहार खत्म होते ही जब लोग वहां पहुंचे, तो सब कुछ बंद मिला।
पुलिस का मानना है कि घटनाओं का यह क्रम बताता है कि यह धोखाधड़ी पूरी तरह से प्री-प्लांड (पूर्व-नियोजित) थी। फिलहाल पुलिस संभावित पीड़ितों से संपर्क कर रही है ताकि राज्य के इस अनोखे सिल्वर स्कैम की पूरी गहराई तक पहुंचा जा सके।
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