कोलकाता: पश्चिम बंगाल में गुरुवार की सुबह सियासी गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजनीतिक परामर्शदाता फर्म ‘आई-पैक’ (I-PAC) के ठिकानों पर धावा बोल दिया। केंद्रीय एजेंसी ने साल्ट लेक स्थित I-PAC के कार्यालय और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर एक साथ छापेमारी की।
मामले में सबसे नाटकीय मोड़ तब आया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं। बताया जा रहा है कि जब ईडी की टीम लोउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर पहुंची, तो वे अपनी चौथी मंजिल वाले फ्लैट में ही मौजूद थे। अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे थे, तभी दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां आ पहुंचीं।
कोयला तस्करी मामले से जुड़े हैं तार
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी की यह छापेमारी कोयला तस्करी मामले (Coal Smuggling Case) के सिलसिले में की जा रही है। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई गुरुवार तड़के शुरू हुई और एक साथ कई स्थानों पर जारी है।
छापेमारी के दायरे में मुख्य रूप से तीन जगहें शामिल हैं:
- साल्ट लेक स्थित एक इमारत की 11वीं मंजिल पर मौजूद I-PAC का दफ्तर।
- प्रतीक जैन का लोउडन स्ट्रीट स्थित आवास।
- बड़ाबाजार के पोस्ता इलाके में स्थित एक अन्य व्यापारी का कार्यालय।
चुनावों में ‘गेमचेंजर’ रही है I-PAC
आई-पैक का तृणमूल कांग्रेस के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। प्रशांत किशोर द्वारा 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले स्थापित की गई इस संस्था ने 2019 के आम चुनावों के बाद से बंगाल सरकार और टीएमसी के साथ मिलकर काम किया है।
हालांकि, प्रशांत किशोर अब पूर्णकालिक राजनीति में कदम रख चुके हैं, लेकिन उनकी बनाई यह टीम पार्टी के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हुई है। 2021 के विधानसभा चुनावों में टीएमसी की प्रचंड जीत और 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सफलता के पीछे I-PAC की रणनीतियों का बड़ा हाथ माना जाता है।
चुनावों से ठीक पहले कड़ा संदेश
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में विधानसभा चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता पक्ष के लिए मुख्य चुनौती बनकर उभरी है। गौरतलब है कि डायमंड हार्बर से सांसद और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में ईडी और सीबीआई दोनों ने इस घोटाले के संबंध में उनसे कई बार पूछताछ की है।
तमाम आरोपों और केंद्रीय जांच एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता के बावजूद, अभिषेक बनर्जी आत्मविश्वास से लबरेज हैं। उन्होंने बार-बार दोहराया है कि चाहे जितनी भी जांच हो जाए, तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी करेगी।
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