अहमदाबाद: अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने उत्तर गुजरात के रहने वाले 34 वर्षीय एक शख्स को अपनी मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल किया है। कल्पेश पटेल नामक इस व्यक्ति पर पूरे अमेरिका में मुख्य रूप से बुजुर्गों को निशाना बनाकर करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी (वायर फ्रॉड) करने का आरोप है। जांचकर्ताओं के अनुसार, कल्पेश ने साल 2017 से 2021 के बीच ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर पूरे देश में एक बड़ा ठगी का जाल बिछाया था। अपराध की दुनिया में उसे ‘मेको’, ‘केनी’ और ‘केनी पटेल’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता है।
इस पूरे मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कल्पेश 2015 में अवैध रास्ते से अमेरिका में दाखिल हुआ था और जल्द ही वह धोखाधड़ी के इस काले नेटवर्क का अहम हिस्सा बन गया। उसने ठगी के सैकड़ों मामलों का ताना-बाना बुना, जिनमें खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों को शिकार बनाया गया। वह और उसके साथी फोन पर बुजुर्गों को डराते थे कि उनकी पहचान का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में हुआ है।
इसके बाद उन्हें फर्जी कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर खौफजदा किया जाता था और उनकी जिंदगी भर की जमापूंजी को ‘मनी म्यूल’ (पैसे इधर-उधर करने वाले नेटवर्क) के जरिए ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता था। पीड़ितों से नकदी और प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए अमेरिका के अलग-अलग पतों पर पैसे मंगवाए जाते थे।
एफबीआई द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, कल्पेश पटेल मेल और वायर फ्रॉड की साजिश रचने के मामले में वांछित है। केंटकी के लंदन स्थित अमेरिकी जिला न्यायालय (पूर्वी जिला) ने 22 जून 2023 को उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उसे अब एक भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और माना जा रहा है कि वह फिलहाल इलिनोइस या पेंसिल्वेनिया में छिपा हो सकता है या इन्हीं राज्यों के बीच यात्रा कर रहा है।
जांच एजेंसी ने आरोपी की पहचान उजागर करते हुए बताया है कि 17 मई 1991 को जन्मे कल्पेश पटेल की लंबाई 5 फुट 9 इंच और वजन लगभग 185 पाउंड है। उसके बाल काले और आंखें भूरी हैं। जानकारी के मुताबिक, ठगी के इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के दौरान वह दिखावे के लिए फ्यूल स्टेशन अटेंडेंट, कैशियर और एक स्टोर वर्कर के रूप में भी काम कर चुका है।
यह पहली बार नहीं है जब गुजरात का कोई व्यक्ति एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में आया हो। इससे पहले अप्रैल 2024 में जांच एजेंसी ने भद्रेश चेतन पटेल नाम के एक अन्य गुजराती की गिरफ्तारी के लिए ढाई लाख डॉलर (250,000 डॉलर) के भारी-भरकम ईनाम का ऐलान किया था। भद्रेश पर साल 2015 में मैरीलैंड के हनोवर स्थित एक डोनट शॉप में अपनी पत्नी की हत्या करने का गंभीर आरोप है।
फिलहाल एफबीआई ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को भी कल्पेश पटेल के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत अपने स्थानीय एफबीआई कार्यालय या नजदीकी अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें। जांच एजेंसी ने यह कड़ी चेतावनी भी दी है कि इस संदिग्ध को बेहद खतरनाक माना जाना चाहिए और इसकी गतिविधियों से जुड़ी कोई भी छोटी सी जानकारी जांच के लिए बहुत अहम हो सकती है।
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