गिर सोमनाथ/राजकोट: गिर सोमनाथ जिले के एक गांव में बुधवार की सर्द रात उस वक्त दहशत में बदल गई, जब सन्नाटे को चीरती हुई इंसानी चीखें और तेंदुए की दहाड़ गूंज उठी। इंसान और वन्यजीव के बीच हुए इस भीषण संघर्ष का अंत तेंदुए की मौत के साथ हुआ। हालांकि शेरों और तेंदुओं के गढ़ माने जाने वाले गिर सोमनाथ में वन्यजीवों के हमलों की खबरें आम हैं, लेकिन गांगडा गांव की यह घटना अपने आप में अलग है, जहां आत्मरक्षा में वन्यजीव की जान चली गई।
रात 10 बजे शुरू हुआ खौफ का खेल
घटना बुधवार रात करीब 10 बजे की है। किसान बाबू वाजा अपने घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे। तभी अचानक वहां पहुंचे एक तेंदुए ने घर के पास खड़ी टू-व्हीलर को टक्कर मारकर गिरा दिया। आवाज सुनकर बाबू की नींद खुली, लेकिन इससे पहले कि वो स्थिति को समझ पाते, तेंदुए ने उन पर झपट्टा मार दिया।
ऊना शहर के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे बाबू वाजा ने उस भयानक मंजर को याद करते हुए बताया, “तेंदुए ने मेरे हाथ पर हमला किया था। दर्द से मैं जोर से चिल्लाया, जिसे सुनकर मेरा बेटा शादुद जाग गया। बेटे को देखते ही तेंदुए ने मुझे छोड़ दिया और उस पर टूट पड़ा।”
भाले और दातर से किया पलटवार
इस जानलेवा हमले में पिता और पुत्र, दोनों के सिर, कंधों और हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। 27 वर्षीय शादुद ने बताया कि संघर्ष के दौरान तेंदुआ कभी उन पर तो कभी उनके पिता पर हमला कर रहा था। मौत को सामने देख, बीच-बचाव के दौरान बाबू वाजा ने आत्मरक्षा में हथियार उठा लिए।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, संघर्ष के दौरान तेंदुए के सिर पर भाले और दातर (billhook) से वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घायलों पर ही मामला दर्ज
वन विभाग ने घटनास्थल से हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए हैं और तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, जान बचाने वाले पिता-पुत्र के लिए मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।
जसधार के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) एल. बी. भरवाड़ ने बताया कि दोनों घायलों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। चूंकि तेंदुआ ‘शेड्यूल-I’ श्रेणी का संरक्षित प्राणी है, इसलिए उसे मारना एक गंभीर अपराध है।
अधिकारी ने कहा, “हमने मामला दर्ज कर लिया है। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या उनके पास तेंदुए को मारने के बजाय वहां से भागने या उसे भगाने का कोई विकल्प मौजूद था। घायलों की हालत में सुधार होने पर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।”
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