नई दिल्ली: लगातार रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद शुक्रवार को बुलियन मार्केट (सराफा बाजार) में भारी उथल-पुथल मची। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सोना और चांदी दोनों ही ओंधे मुंह गिरे। शुरुआती कारोबार में ही कीमतें 4% तक टूट गईं। सबसे बड़ी गिरावट चांदी में देखने को मिली, जो अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 36,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गई। वहीं, सोने की कीमतों में भी भारी करेक्शन देखने को मिला है।
जनवरी में ऐतिहासिक तेजी के बाद लगा ब्रेक
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब जनवरी 2026 में कीमती धातुओं ने इतिहास रच दिया था। इस महीने अब तक सोने की कीमतों में 24% से ज्यादा का उछाल आ चुका है, जो जनवरी 1980 के बाद से किसी भी महीने में हुई सबसे बड़ी बढ़त है।
यह लगातार छठा महीना है जब सोने में तेजी देखी गई। वहीं, चांदी ने तो इस महीने 62% की जबरदस्त छाल लगाई है और यह अपने अब तक के सबसे बेहतरीन मासिक प्रदर्शन की राह पर थी।
MCX पर सोने का हाल
शुक्रवार को MCX पर अप्रैल वायदा वाला सोना 1.88% की गिरावट के साथ 1,80,499 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 1,83,962 रुपये था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और कीमतें 4.5% से ज्यादा टूट गईं।
इंट्राडे में सोने के दाम करीब 8,400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिरकर 1,75,100 रुपये के स्तर पर आ गए। हालांकि, बाद में यह थोड़ी रिकवरी के साथ 1,77,469 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो कि 3.53% की गिरावट है। याद दिला दें कि पिछले सत्र में सोने ने 1,93,096 रुपये का रिकॉर्ड स्तर छू लिया था।
चांदी में भारी गिरावट
चांदी की चमक आज सबसे ज्यादा फीकी पड़ी। MCX पर चांदी की शुरुआत ही 4% की गिरावट के साथ 3,83,898 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई, जबकि पिछला क्लोजिंग भाव 3,99,893 रुपये था। गुरुवार को चांदी ने 4,20,048 रुपये का नया शिखर छुआ था।
शुक्रवार को चांदी में 9% तक की गिरावट दर्ज की गई। मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी इंट्राडे में 36,393 रुपये टूटकर 3,63,500 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर आ गई। बाद में यह 8.45% की गिरावट के साथ 3,66,100 रुपये पर कारोबार कर रही थी। इतनी भारी गिरावट के बावजूद, अगर आज की बिकवाली और नहीं गहराती है, तो भी चांदी जनवरी में 58% की बढ़त के साथ बंद होने की स्थिति में है।
क्यों आई बाजार में अचानक यह गिरावट?
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं:
- मुनाफावसूली (Profit-booking): लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा काटना शुरू कर दिया है। सोना $5,100 प्रति औंस और चांदी $105 प्रति औंस के नीचे फिसल गए।
- केविन वॉश की चर्चा: ऐसी खबरें हैं कि राष्ट्रपति ट्रम्प आज रात फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन के रूप में ‘इन्फ्लेशन हॉक’ माने जाने वाले केविन वॉश (Kevin Warsh) को नामित कर सकते हैं।
- शटडाउन का टलना: ट्रम्प और सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच अमेरिकी सरकार के शटडाउन को टालने के लिए एक अस्थायी समझौता हो गया है, जिससे सेफ-हेवन (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोने की मांग में कमी आई है।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या यह खरीदने का मौका है या रिस्क?
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी रिसर्च हेड, हरीश वी. का मानना है कि तकनीकी संकेतक बता रहे हैं कि बाजार ‘ओवरबॉट’ (अत्यधिक खरीदारी) जोन में है, जिससे शॉर्ट-टर्म में करेक्शन की संभावना बढ़ गई है। भू-राजनीतिक स्थिरता, मजबूत अमेरिकी डॉलर और माइनिंग आउटपुट में सुधार भी कीमतों पर दबाव डाल सकते हैं।
वहीं, केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने चेतावनी देते हुए कहा, “सोने और चांदी में ‘मेनिया फेज’ (पागलपन का दौर) दिखाई दे रहा है। पिछले एक हफ्ते में असामान्य उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। फंडामेंटल मजबूत हैं, लेकिन वैल्यूएशन बहुत ज्यादा खिंच चुके हैं। यह रुकने और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) करने का समय है।”
केडिया के अनुसार, अगर चांदी $102 के नीचे वीकली क्लोजिंग देती है, तो सपोर्ट $78 के पास खुल सकता है। वहीं, सोने के लिए $4,860 और $4,240 के स्तर पर सपोर्ट देखा जा रहा है। उन्होंने निवेशकों को सतर्क रहने, मुनाफा बचाने और स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है।
$6,000 तक जा सकता है सोना?
गिरावट के बावजूद लंबी अवधि का नजरिया मजबूत है। डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) का अनुमान है कि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और निवेश मांग के चलते 2026 में सोने की कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। सोसाइटी जेनरल (Societe Generale) के विश्लेषकों ने भी इस साल के अंत तक सोने के $6,000 तक पहुंचने की भविष्यवाणी की है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी मची खलबली
शुक्रवार को वैश्विक बाजार में भी कोहराम मचा रहा। 0716 GMT तक स्पॉट गोल्ड 4.2% गिरकर $5,172.80 प्रति औंस पर आ गया था, जबकि दिन के शुरुआत में यह 5% से ज्यादा गिर चुका था। गुरुवार को इसने $5,594.82 का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। वहीं, फरवरी डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा 3% गिरकर $5,163.90 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
नोट: कमोडिटी बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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