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गुजरात FDI रेस में पिछड़ा: शीर्ष 5 राज्यों की सूची से बाहर, जानिए आंकड़े और गिरावट की वजह

| Updated: January 5, 2026 13:19

अप्रैल-सितंबर 2025 के आंकड़ों में गुजरात छठे स्थान पर खिसका; जानिए क्यों टेक्सटाइल और केमिकल सेक्टर को लगा झटका और महाराष्ट्र-कर्नाटक ने कैसे मारी बाजी।

अहमदाबाद: विदेशी निवेश (FDI) के मामले में गुजरात के लिए वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) निराशाजनक रही है। आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात ने देश के शीर्ष 5 एफडीआई (FDI) गंतव्यों की सूची में अपनी जगह गंवा दी है। जहाँ एक ओर अन्य राज्यों ने पिछले साल के मुकाबले जोरदार वापसी की है, वहीं गुजरात में विदेशी निवेश के प्रवाह में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

हालाँकि, अल्पकालिक गिरावट के बावजूद, अगर हम अक्टूबर 2019 से अब तक के कुल एफडीआई प्रवाह (Cumulative FDI) को देखें, तो गुजरात अभी भी राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर बरकरार है, जो राज्य की दीर्घकालिक निवेश क्षमता को दर्शाता है।

ताज़ा आंकड़े क्या कहते हैं?

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच गुजरात ने 2.39 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आकर्षित किया। इस आंकड़े के साथ गुजरात अब छठे स्थान पर खिसक गया है।

इस अवधि में अन्य राज्यों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

  • महाराष्ट्र: 13.5 बिलियन डॉलर (शीर्ष पर)
  • कर्नाटक: 11.25 बिलियन डॉलर
  • तमिलनाडु: 4.34 बिलियन डॉलर
  • दिल्ली: 3.94 बिलियन डॉलर
  • हरियाणा: 3.53 बिलियन डॉलर

विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे ‘हाई बेस इफेक्ट’ और समय से जुड़ी परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। पिछले वर्षों में गुजरात ने रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश प्राप्त किया था, जिसके मुकाबले इस बार के आंकड़े कम दिख रहे हैं।

क्यों आई गिरावट? विशेषज्ञों की राय

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC), गुजरात के चेयरपर्सन पथिक पटवारी ने इस स्थिति पर विस्तार से अपनी राय रखी है। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल (कपड़ा) और केमिकल जैसे क्षेत्रों पर अमेरिकी टैरिफ (US Tariffs) का बुरा असर पड़ा है।

पथिक पटवारी ने कहा, “बाजार की खराब स्थितियों के कारण टेक्सटाइल और केमिकल जैसे क्षेत्रों में नया निवेश नहीं आया, जबकि गुजरात इन क्षेत्रों में विनिर्माण (Manufacturing) का गढ़ माना जाता है। दूसरी ओर, सेमीकंडक्टर और इंजीनियरिंग जैसे उद्योगों में निवेश अभी ‘पाइपलाइन’ में है। कई बड़ी परियोजनाएं, जिनकी घोषणा पहले की गई थी, अब निष्पादन (Execution) के चरण में हैं। वहां पूंजीगत व्यय (Capex) तो हो रहा है, लेकिन वह अभी एफडीआई के आंकड़ों में नई इक्विटी के रूप में नहीं दिख रहा है।”

भविष्य के लिए उम्मीद की किरण

गिरावट के बावजूद राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है। पटवारी ने बताया कि सरकार इन अटकी हुई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। साथ ही, गुजरात में होने वाले संभावित कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े खेल आयोजनों के चलते हॉस्पिटैलिटी और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है—ये वो क्षेत्र हैं जहां पहले राज्य में सीमित निवेश आता था।

इसके अलावा, गिफ्टी सिटी (GIFT City) में शराब बंदी (Liquor Prohibition) में दी गई ढील जैसे नीतिगत बदलाव भी निवेश के लिए नए रास्ते खोल रहे हैं।

अहमदाबाद बना निवेश का चुंबक

गुजरात के भीतर निवेश के वितरण पर नज़र डालें तो भारी असमानता दिखाई देती है। अहमदाबाद राज्य का निर्विवाद ‘इनवेस्टमेंट मैग्नेट’ बनकर उभरा है। राज्य के कुल एफडीआई में इस जिले की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। यह जिला गुजरात का प्रमुख वाणिज्यिक और वित्तीय केंद्र होने के साथ-साथ कॉर्पोरेट निवेश का पसंदीदा ठिकाना भी है।

इसके विपरीत, वलसाड, वडोदरा, सूरत और कच्छ जैसे औद्योगिक जिले एफडीआई आकर्षित करने में अहमदाबाद से काफी पीछे हैं। यह दर्शाता है कि गुजरात के व्यापक औद्योगिक आधार के बावजूद विदेशी पूंजी का प्रवाह समान रूप से नहीं फैला है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी यही ट्रेंड

यह पैटर्न केवल गुजरात तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी यही स्थिति है। एफडीआई का प्रवाह मुख्य रूप से भारत के शीर्ष 5 बाजारों के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ है, जिसका नेतृत्व महाराष्ट्र और कर्नाटक कर रहे हैं।

बड़े शहरी केंद्र और स्थापित टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम वैश्विक पूंजी का बड़ा हिस्सा खींच रहे हैं। ताज़ा डेटा यह संकेत दे रहा है कि निवेशक अब व्यापक भौगोलिक फैलाव के बजाय उन परिपक्व हब (Mature Hubs) और प्रोजेक्ट्स में पैसा लगा रहे हैं जो निष्पादन के चरण में हैं।

प्रमुख आंकड़े (एक नज़र में)

ताज़ा एफडीआई प्रवाह में शीर्ष 6 भारतीय राज्य

(अप्रैल-सितंबर 2025)

रैंकराज्यFDI प्रवाह ($ मिलियन) 2024FDI प्रवाह ($ मिलियन) 2025बदलाव (%)
1महाराष्ट्र13,55113,509.27-0.3
2कर्नाटक3,54211,525.04225.3
3तमिलनाडु1,6234,349.76168
4दिल्ली3,2043,942.5123
5हरियाणा1,3133,533.08169
6गुजरात3,9492,391.02-39.5

गुजरात के शीर्ष 5 जिले (FDI आकर्षण में)

रैंकजिलाFDI प्रवाह ($ मिलियन)राज्य के कुल का %
1अहमदाबाद$1,896.284.26
2वलसाड245.380.55
3सूरत$64.410.14
4वडोदरा62.10.14
5कच्छ36.280.08

भारत के शीर्ष 5 जिलों में निवेश

जिलाFDI प्रवाह (₹ करोड़)
नवी मुंबई99,527.88
बेंगलुरु98,456.89
दिल्ली34,047.16
गुड़गांव28,799.07
अहमदाबाद16,275.01

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