वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में इमीग्रेशन पॉलिसी (आप्रवासन नीति) की विशेषज्ञ रोजमेरी जेन्क्स ने H-1B वीजा धारक भारतीयों को लेकर एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। जेन्क्स ने कहा है कि यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि अमेरिकियों को उन भारतीयों के प्रति सहानुभूति रखने के लिए कहा जा रहा है जो वीजा इंटरव्यू में देरी के कारण अपने ही घरों में फंसे हुए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका में कोई भी उनके लिए बुरा महसूस नहीं कर रहा है।
जेन्क्स के अनुसार, यह स्थिति अमेरिका के लिए एक सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कंपनियां अब इन कर्मचारियों का इंतजार नहीं कर रही हैं, बल्कि वे आगे बढ़कर अमेरिकी नागरिकों को ही नौकरी पर रख रही हैं।
‘वीजा में देरी से अमेरिकियों को फायदा’
डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सहयोगी स्टीव बैनन के शो पर बोलते हुए, रोजमेरी जेन्क्स ने कहा, “H-1B वीजा धारकों में लगभग 70% भारतीय हैं। इनमें से कई अभी भारत में ही अटके हुए हैं क्योंकि वीजा प्रक्रिया में लंबा वक्त लग रहा है। हमसे यह उम्मीद की जा रही है कि हम उनके लिए दुखी हों क्योंकि उनके वीजा अप्रूवल में देरी हो रही है।”
शो के दौरान स्टीव बैनन ने सभी प्रकार के इमीग्रेशन (आप्रवासन) पर 10 साल के प्रतिबंध (moratorium) की मांग की, जिसका जेन्क्स ने समर्थन किया।
सोशल मीडिया वेटिंग को बताया सही
वीजा प्रक्रिया में हो रही देरी का मुख्य कारण ट्रंप प्रशासन द्वारा शुरू की गई ‘सोशल मीडिया वेटिंग’ प्रक्रिया है। इस पर टिप्पणी करते हुए जेन्क्स ने कहा कि यह जांच इसलिए अधिक समय ले रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अमेरिका आने वाले लोग किसी भी तरह से अमेरिकी नागरिकों को नुकसान न पहुंचाएं या सिस्टम के साथ खिलवाड़ न करें।
जेन्क्स ने इस प्रक्रिया को “पूरी तरह से उचित और तर्कसंगत” करार दिया। उन्होंने उस नैरेटिव (कथा) की आलोचना की जिसमें कहा जा रहा है कि भारतीय अचानक हुई देरी के कारण अपने ही देश में ‘फंस’ गए हैं।
‘कंपनियां अब इंतजार करने के मूड में नहीं’
जेन्क्स ने दावा किया कि अमेरिका में नियोक्ताओं (Employers) ने अब भारतीयों का इंतजार करना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यहाँ कोई भी उनके लिए सहानुभूति नहीं रख रहा है। ऐसा लगता है कि कुछ नियोक्ताओं ने तय कर लिया है कि उनके लिए इंतजार करना और पद खाली रखना बहुत मुश्किल काम है। इसके बजाय, वे उन नौकरियों के लिए अमेरिकियों को काम पर रख रहे हैं, और हम उम्मीद करते हैं कि यह सिलसिला जारी रहेगा।”
बैनन के इमीग्रेशन पर रोक लगाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए जेन्क्स ने कहा, “यह कहने का बिल्कुल सही समय है कि ‘ठीक है, अब बहुत हो गया, और नहीं’।”
2026-2027 तक खिसक गईं तारीखें
गौरतलब है कि भारत सरकार ने अमेरिकी सरकार के सामने वीजा में देरी का मुद्दा उठाया है। हालांकि, सोशल मीडिया वेटिंग और सख्त जांच प्रक्रिया के कारण वीजा अपॉइंटमेंट की तारीखें अब साल 2026 और 2027 के बाद के महीनों के लिए रीशेड्यूल (reschedule) की जा रही हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह से बदल गई है।
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