गांधीनगर के मध्य स्थित एक होटल में पिछले गुरुवार को एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहां राजनीतिक दलों की दूरियां और प्रतिद्वंद्विता मिटती नजर आईं। मौका था विरामगाम से भाजपा विधायक हार्दिक पटेल के नवजात बेटे के जन्म की खुशी में आयोजित एक खास डिनर पार्टी का। इस समारोह में सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की, जिनमें से कुछ अतीत में हार्दिक के बेहद करीबी रह चुके हैं।
दिग्गजों का लगा जमावड़ा
इस खास मौके पर भारतीय जनता पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष जगदीश पांचाल, महासचिव प्रशांत कोराट, मंत्री जीतू वाघाणी और कनुभाई देसाई के अलावा विधानसभा के मुख्य सचेतक बालकृष्ण शुक्ला ने भी शिरकत की। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी और उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी भी इस जश्न का हिस्सा बने।
विपक्षी खेमे की बात करें तो, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक जिग्नेश मेवाणी समेत अमृतजी ठाकोर और कांति खराड़ी जैसे विधायक भी पार्टी में पहुंचे। वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से जाम जोधपुर के विधायक हेमंत अहीर ने भी इस डिनर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बाद में हार्दिक ने इस यादगार शाम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा कीं।
निजी जीवन और कार्यक्रम का उद्देश्य
बता दें कि साल 2019 में हार्दिक ने अपनी बचपन की दोस्त किंजल पटेल से सुरेंद्रनगर के एक गांव में सादे समारोह में शादी की थी। इसी साल 9 जनवरी को उनके बेटे प्रज्वल का जन्म हुआ है।
32 वर्षीय हार्दिक ने इस आयोजन के बारे में बात करते हुए कहा, “यह मेरे बेटे के जन्म का जश्न मनाने का अवसर था। इसलिए मैंने 15वीं गुजरात विधानसभा के सभी मौजूदा विधायकों और अपने उन दोस्तों को आमंत्रित करने का फैसला किया, जिनके साथ मैंने अतीत में काम किया है। मुझे लगा कि सभी को बुलाना चाहिए। यह खुशी का मौका था और हमने साथ मिलकर बहुत मजे किए।”
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने खींचा ध्यान
इस पार्टी में जिग्नेश मेवाणी और अमित चावड़ा जैसे कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। खासकर तब, जब हार्दिक के कांग्रेस के साथ पुराने रिश्ते रहे हैं और नवंबर 2022 के विधानसभा चुनावों (जिसमें भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की थी) से कुछ महीने पहले ही उन्होंने काफी कड़वाहट के साथ पार्टी छोड़ दी थी।
गौरतलब है कि 2015 में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के संस्थापक के रूप में 22 साल के हार्दिक ने भाजपा सरकार के खिलाफ पाटीदार आरक्षण आंदोलन शुरू किया था। 2019 में राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस में शामिल कराया और एक साल बाद ही उन्हें गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया।
मई 2022 में राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस से नाता तोड़ने से पहले तक, हार्दिक और जिग्नेश को पार्टी में एक-दूसरे के काफी करीब माना जाता था। इसके बाद हार्दिक भाजपा में शामिल हो गए थे।
“इसमें राजनीति मत खोजिए”
कांग्रेस छोड़ने के बाद यह पहला मौका था जब जिग्नेश और हार्दिक किसी सामाजिक कार्यक्रम में एक साथ नजर आए। गुरुवार के कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी पर जिग्नेश ने स्पष्ट किया, “यह उनके (हार्दिक के) बेटे के जन्म का जश्न था। अमितभाई, कांतिभाई खराड़ी, अमृतजी ठाकोर और कांग्रेस के अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। यह पूरी तरह से एक निजी कार्यक्रम था और इसमें कोई राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।”
हार्दिक के साथ अपनी बातचीत पर उन्होंने बताया, “हमें कहीं और भी जाना था, इसलिए हम वहां 10-15 मिनट ही रुके। लेकिन हमने एक-दूसरे के साथ खूब मजाक-मस्ती की और अच्छा समय बिताया।”
“हम हिंदुस्तान में रहते हैं, अफगानिस्तान में नहीं”
आम आदमी पार्टी के विधायक हेमंत अहीर का भी हार्दिक के साथ पुराना कांग्रेसी कनेक्शन है। जब हार्दिक कांग्रेस में थे, तब अहीर जामनगर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष थे और दोनों के बीच करीबी संपर्क था।
डिनर में शामिल होने को लेकर अहीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरी हमेशा वैचारिक लड़ाई रहती है… राजनीति का इस कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। बेटे के जन्म का जश्न मनाना एक सामाजिक कार्य है।”
उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए आगे कहा, “जब उन्होंने मुझे पूरे सम्मान के साथ आमंत्रित किया, तो मेरा जाना बनता था। कट्टर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हम हिंदुस्तान में रहते हैं, अफगानिस्तान में नहीं। संवाद हमेशा जिंदा रहना चाहिए।”
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