हाल ही में एक भारतीय सीईओ का अमेरिकी वीजा खारिज होने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इन सीईओ का दावा है कि उनके वीजा को अस्वीकार करने का कोई ठोस आधार नहीं था। जसवीर सिंह, जो एआई-पावर्ड मैचमेकिंग ऐप ‘नॉट डेटिंग’ (Knot Dating) के सीईओ हैं, को बताया गया कि भारत के साथ उनके ‘कमजोर संबंधों’ (weak ties) के कारण उनका वीजा रोका गया है।
सिंह ने इस फैसले को बेतुका करार दिया। उनका कहना है कि वे एक उद्यमी हैं, उनकी कंपनी के पेरोल पर कई भारतीय कर्मचारी काम करते हैं, और ऐसा कोई कारण नहीं है कि वे अमेरिका से वापस भारत नहीं लौटेंगे।
लेकिन अब कहानी में एक नया मोड़ आ गया है। 2016 का उनका एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी जीत पर एक तीखा तंज कसा था। अब इसे ही उनके वीजा अस्वीकृति की असली वजह माना जा रहा है।
क्या था वह विवादित पोस्ट?
2016 में, जब डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव जीता था, तब जसवीर सिंह ने लिखा था: “बधाई हो अमेरिका! आपने यह साबित कर दिया कि दुनिया में सबसे बेवकूफ लोग सिर्फ भारतीय ही नहीं हैं।”
यह पुराना पोस्ट सामने आते ही अमेरिकी राजनीतिक टिप्पणीकार रयान जेम्स गिरडुस्की (Ryan James Girdusky) ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आपने अमेरिकियों को दुनिया के सबसे बेवकूफ लोग कहा… तो फिर आप यहाँ आना ही क्यों चाहते हैं? और हम किसी ऐसे व्यक्ति को अपने देश में क्यों आने दें जो हमारे बारे में ऐसी राय रखता हो?”
‘तो क्या 10 साल पुरानी बात अब आधार बनेगी?’
जसवीर सिंह ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया है कि उनके सोशल मीडिया कमेंट्स वीजा खारिज होने की वजह हो सकते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।
एक यूजर ने सवाल उठाया, “तो क्या किसी ने 10 साल पहले जो ट्वीट किया था, उसे ही अब उनका वर्तमान रुख माना जाएगा? क्योंकि हम सभी जानते हैं कि जेडी वेंस (Vance) ने खुद 10 साल पहले ट्रंप के बारे में क्या कहा था।”
वहीं, जसवीर सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट्स के कारण वीजा रद्द होने की आशंका पर एक दोस्त की सलाह का जिक्र करते हुए कहा, “एक दोस्त ने कहा कि अगली बार इंटरव्यू से पहले अमेरिका और एनआरआई (NRIs) पर किए गए अपने सारे ट्वीट्स डिलीट कर देना, वीजा मिल जाएगा।”
सोशल मीडिया पर निगरानी के नियम
गौर करने वाली बात यह है कि एच-1बी (H-1B) और एच-4 (H-4) वीजा धारकों के लिए सोशल मीडिया की जांच (vetting) का दायरा 15 दिसंबर से बढ़ाया गया है, लेकिन अधिकांश अन्य वीजा आवेदकों के लिए यह प्रक्रिया 2019 से ही लागू है। यहां तक कि सभी पर्यटक या बिजनेस वीजा आवेदकों को भी अपने आवेदन के साथ अपने सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी देनी होती है।
हालाँकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि जसवीर सिंह का बी1/बी2 (B1/B2) वीजा उनके पुराने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट की वजह से ही खारिज हुआ है। आधिकारिक स्पष्टीकरण में यही कहा गया है कि सिंह भारत के साथ अपने पर्याप्त संबंध साबित नहीं कर पाए, जो यह सुनिश्चित कर सके कि वे अमेरिका से वापस लौटेंगे।
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