comScore इसरो को बड़ा झटका: PSLV-C62 मिशन हुआ फेल, लॉन्च के बाद अंतरिक्ष में खो गए 16 सैटेलाइट्स - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

इसरो को बड़ा झटका: PSLV-C62 मिशन हुआ फेल, लॉन्च के बाद अंतरिक्ष में खो गए 16 सैटेलाइट्स

| Updated: January 12, 2026 12:54

8 महीने में दूसरी बार इसरो को लगा बड़ा झटका: DRDO के जासूसी सैटेलाइट समेत 16 उपग्रह बर्बाद, तीसरे चरण में आई तकनीकी खराबी ने तोड़ा सपना।

श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए आज का दिन निराशाजनक रहा। 12 जनवरी, 2026 को श्रीहरिकोटा से एक शानदार शुरुआत के बावजूद, इसरो का PSLV-C62 मिशन असफल हो गया। इस दुर्घटना में रॉकेट के साथ भेजे गए सभी 16 उपग्रह (Satellites) अंतरिक्ष में ही खो गए हैं।

शुरुआत रही शानदार, फिर छाया सन्नाटा

260 टन वजनी ‘PSLV-DL’ रॉकेट ने भारतीय समयानुसार सुबह 10:17 बजे आसमान की ओर गर्जना करते हुए उड़ान भरी। लॉन्च के शुरुआती चरण बेहद सटीक रहे। रॉकेट ने पहले दो चरणों (Stages) और सेपरेशन (Separation) के दौरान बिल्कुल सामान्य प्रदर्शन किया, जिसे देखकर पूरा देश उत्साहित था।

हालाँकि, जैसे ही तीसरे चरण (Third Stage) का इग्निशन शुरू हुआ, मिशन कंट्रोल रूम में सन्नाटा पसर गया। टेलीमेट्री डेटा का आना बंद हो गया और यह स्पष्ट हो गया कि रॉकेट अपनी कक्षा में स्थापित होने में विफल रहा है। यह घटना बिल्कुल पिछले साल के PSLV-C61 हादसे जैसी ही प्रतीत हो रही है।

इसरो प्रमुख का बयान

इसरो प्रमुख वी. नारायणन (V. Narayanan) ने मिशन की विफलता की पुष्टि करते हुए कहा, “तीसरे चरण के अंत तक वाहन का प्रदर्शन सामान्य (Nominal) था। इसके बाद रोल रेट्स में गड़बड़ी और उड़ान पथ (Flight Path) में विचलन देखा गया। हम प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द ही अधिक जानकारी साझा करेंगे।”

क्या खोया हमने?

इस मिशन का प्राथमिक लक्ष्य DRDO के EOS-N1 (अन्वेषा) सैटेलाइट को 505 किमी की ‘सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट’ में स्थापित करना था, जो समुद्री निगरानी के लिए बेहद महत्वपूर्ण था।

इसके साथ ही रॉकेट में 15 अन्य सह-यात्री (Co-passengers) पेलोड भी मौजूद थे। इनमें शामिल थे:

  • भारतीय छात्रों द्वारा बनाए गए पेलोड्स।
  • निजी कंपनियों के प्रयोग।
  • स्पेन का ‘KID री-एंट्री डेमोंस्ट्रेटर’।

लिफ्ट-ऑफ के करीब 8 मिनट बाद, तीसरे चरण में आई विसंगतियों के कारण मिशन बाधित हो गया। यह बिल्कुल वैसी ही स्थिति थी जैसी C61 मिशन के दौरान EOS-09 की लॉन्चिंग में देखी गई थी, जब चैंबर के दबाव में गिरावट आई थी।

आठ महीने में दूसरी विफलता: उठ रहे सवाल

यह पिछले आठ महीनों में PSLV की दूसरी दुर्लभ विफलता है। यह वही विश्वसनीय रॉकेट है जिसने चंद्रयान-1 और आदित्य-L1 जैसे मिशनों को सफल बनाया था और इसका सक्सेस रेट 94% (63 उड़ानों में) रहा है।

चूंकि PSLV-C61 की जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, ऐसे में C62 के तीसरे चरण में फिर से वही दिक्कत आना गंभीर सवाल खड़े करता है। सॉलिड-फ्यूल मोटर की विश्वसनीयता, नोजल की समस्या या 2026 के व्यस्त शेड्यूल के बीच जल्दबाजी—इन सभी पहलुओं पर अब चर्चा शुरू हो गई है।

भविष्य की योजनाओं पर असर

इसरो ने इस घटना की जांच के लिए ‘फेलियर एनालिसिस कमेटी’ (Failure Analysis Committee) द्वारा जांच की बात कही है। हालांकि, इस विफलता का असर भारत के निजी स्पेस इकोसिस्टम पर पड़ सकता है। NSIL (न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड) के जरिए होने वाले कमर्शियल लॉन्च पर भरोसा कम होने का खतरा है।

यह दोहरा झटका इसरो के 2026 के लक्ष्यों के लिए एक चुनौती है, जिसमें 100 से अधिक उपग्रहों को लॉन्च करना, नाविक (NavIC) का विस्तार और गगनयान (Gaganyaan) की तैयारियां शामिल हैं।

चेयरमैन वी. नारायणन की टीम ने जल्द वापसी का संकल्प लिया है और वे LVM3 जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि दुनिया की नजरों में भारत की अंतरिक्ष क्षमता और आत्मनिर्भरता बनी रहे।

यह भी पढ़ें-

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुजरात में 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश का किया बड़ा ऐलान, बताया भविष्य का रोडमैप

सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकते आज भी मौजूद, ‘गुलाम मानसिकता’ से रहें सावधान: पीएम मोदी…

Your email address will not be published. Required fields are marked *