राजकोट: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रविवार को कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ (Vibrant Gujarat Regional Conference) में राज्य के विकास के लिए एक बड़ी प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस समूह अगले पांच वर्षों में गुजरात में 7 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करेगा।
यह राशि 2021 के बाद से अब तक किए गए 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की तुलना में दोगुनी है।
इस महत्वपूर्ण समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और उद्योग व राजनीति जगत की कई नामचीन हस्तियां भी मौजूद थीं।
निवेश को दोगुना करने का संकल्प
समिट को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा, “पिछले पांच वर्षों में हमने 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। आज मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करके 7 लाख करोड़ रुपये करेंगे।” उन्होंने इस मंच से पांच पक्के वादे (firm commitments) किए, जो भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहल और समग्र विकास को नई दिशा देंगे।
जामनगर बनेगा AI और क्लीन एनर्जी का हब
अपने संबोधन में रिलायंस चेयरमैन ने जामनगर को लेकर दो बड़ी योजनाओं का खुलासा किया:
- AI क्रांति: रिलायंस जामनगर में भारत का सबसे बड़ा ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-रेडी डेटा सेंटर’ बना रहा है। इसका एकमात्र लक्ष्य हर भारतीय को किफायती दरों पर AI की सुविधा उपलब्ध कराना है। अंबानी ने कहा, “जियो एक ‘पीपल-फर्स्ट’ इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा, जो भारत में, भारत के लिए और पूरी दुनिया के लिए बनाया गया है। इसकी मदद से गुजरात से लेकर देश के हर नागरिक को अपनी भाषा और अपने डिवाइस पर AI सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और उत्पादकता में इजाफा होगा।”
- ग्रीन एनर्जी: जामनगर में रिलायंस के क्लीन एनर्जी इकोसिस्टम के जरिए अंबानी का लक्ष्य शहर को ग्रीन एनर्जी और संबंधित सामग्री का भारत का सबसे बड़ा निर्यातक बनाना है। साथ ही, उन्होंने कच्छ को ‘ग्लोबल क्लीन एनर्जी हब’ में बदलने की अपनी महत्वाकांक्षा भी जाहिर की।
ओलंपिक 2036 के लिए तैयारी
सामाजिक पहलों के तहत मुकेश अंबानी ने 2036 ओलंपिक को अहमदाबाद लाने के प्रधानमंत्री के विजन में पूरा सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन इस सपने को साकार करने के लिए तैयार है। फाउंडेशन ‘वीर सावरकर मल्टीस्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ के रखरखाव में योगदान देगा और खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करेगा ताकि वे इस बहुप्रतीक्षित खेल महाकुंभ के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
वैश्विक अनिश्चितताओं पर बात करते हुए अंबानी ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। भू-राजनीतिक (geo-political) स्थिति नई चुनौतियां पैदा कर रही है, जिसमें कुछ अप्रत्याशित उथल-पुथल भी शामिल है।” हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा, “भारत के लिए राहत की बात यह है कि ये चुनौतियां हमारे लोगों को प्रभावित या परेशान नहीं कर सकतीं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को यह जान लेना चाहिए कि यह भारत का निर्णायक दशक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत न केवल भविष्य की तैयारी कर रहा है, बल्कि उसे आकार भी दे रहा है।
कॉन्फ्रेंस में व्यापक भागीदारी
कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित इस गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियों की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, इस आयोजन में 1,500 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इसमें अमेरिका और यूरोप के कई देशों सहित 16 देशों के 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार भाग ले रहे हैं।
रिवर्स बायर सेलर मीट (RBSM) के दौरान 1,800 से अधिक बिजनेस मीटिंग्स निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि टोरेंट पावर लिमिटेड, कोसोल (KOSOL), अडानी ग्रीन, एस्सार ग्रुप, नायरा एनर्जी और ज्योति सीएनसी जैसी अग्रणी कंपनियां 26,000 वर्ग मीटर में फैली प्रदर्शनी में हिस्सा ले रही हैं।
यह भव्य आयोजन राजकोट-मोरबी राजमार्ग पर स्थित मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के 55 एकड़ के परिसर में फैला हुआ है, जिसमें छह प्रदर्शनी डोम और एक मुख्य उद्घाटन हॉल शामिल है।
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