नासिक में मर्चेंट नेवी के एक रिटायर्ड अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह शख्स ज्योतिषी के रूप में काम करता था। उस पर एक महिला के साथ तीन साल से अधिक समय तक बार-बार दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप है। बुधवार को नासिक शहर की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद गुरुवार को स्थानीय अदालत ने उसे 24 मार्च तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। 67 वर्षीय इस आरोपी का नाम अशोक कुमार खरात है, जिसे लोग ‘कैप्टन’ के नाम से भी जानते हैं।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि आरोपी ने साल 2022 से लेकर दिसंबर 2025 के बीच कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने बुधवार सुबह तड़के उसे उसके घर से हिरासत में लिया और फिर अदालत में पेश किया।
इस मामले में सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र के अंधश्रद्धा निर्मूलन और काला जादू अधिनियम, 2013 की धाराएं भी लगाई गई हैं।
इस मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपी खरात सिन्नर तालुका के मीरगांव स्थित श्री ईशानेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष भी है। पुलिस के मुताबिक, उसने कई सालों तक शिकायतकर्ता का शारीरिक और मानसिक शोषण किया।
पीड़िता पहली बार 2019 में अपने एक रिश्तेदार के साथ शादी के लिए मार्गदर्शन लेने उसके पास गई थी। कोविड-19 महामारी के कारण कुछ समय तक वह उससे संपर्क नहीं कर सकी। बाद में 2022 में जब शादी का एक नया प्रस्ताव आया, तो वह दोबारा इस ज्योतिषी के पास पहुंची।
मुलाकात के दौरान ज्योतिषी ने उसे एक पेंडेंट दिया और हिदायत दी कि इसे कभी मत उतारना। हालांकि, एक परीक्षा के दौरान महिला ने उसे उतार दिया और महज एक हफ्ते के भीतर ही उसकी शादी का रिश्ता टूट गया। इस घटना से महिला का उस पर विश्वास और गहरा हो गया।
इस बात का फायदा उठाते हुए आरोपी ने उसे यकीन दिलाया कि उसके पास ‘दिव्य शक्तियां’ हैं। फिर उसने महिला को तांत्रिक अनुष्ठान करने के लिए मजबूर किया। शिकायत के अनुसार, पहली बार उसने महिला को कोई ऐसा पेय पदार्थ पिलाया जिससे उसका शरीर सुन्न हो गया और फिर उसके साथ रेप किया। इसके बाद उसने धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया या विरोध किया तो उसकी कभी शादी नहीं होगी।
पुलिस ने बताया कि महिला की शादी होने के बाद भी खरात उसे ब्लैकमेल करता रहा। दिसंबर 2025 तक यह सिलसिला चलता रहा। उसने महिला को डराया कि अगर उसने उसकी शारीरिक मांगें पूरी नहीं कीं, तो उसके पति की मौत हो जाएगी। जांचकर्ताओं ने मीरगांव स्थित उसके घर से कई अहम दस्तावेज, एक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए हैं।
इसके अलावा पुलिस को खरात के पास से एक पेन ड्राइव भी मिली है। इस पेन ड्राइव में 58 वीडियो सेव थे, जिनमें से कुछ बेहद आपत्तिजनक क्लिप्स भी शामिल हैं।
इस गंभीर मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी का नेतृत्व राज्य रिजर्व पुलिस बल, पुणे की कमांडेंट तेजस्वी सतपुते कर रही हैं। उन्होंने नासिक जाकर गुरुवार को आरोपी से दो घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की।
विशेष आईजी मनोज कुमार शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित एक आदेश में कहा गया है कि डीजीपी कार्यालय ने एसआईटी को जांच कर नियमित प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इससे पहले सतपुते ने पिछले साल सतारा के फलटण में एक डॉक्टर की कथित आत्महत्या मामले में भी एसआईटी का नेतृत्व किया था।
नासिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा एसआईटी की देखरेख में जांच कर रही है और सारी जानकारी टीम के साथ साझा की जा रही है। पुलिस ने जांच के सिलसिले में नासिक शहर में आरोपी के आवास और सिन्नर में उसके फार्महाउस की भी तलाशी ली है।
राज्य के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मंत्री कदम ने कहा कि वह उन सभी महिलाओं से अपील करते हैं जिन्हें इस ‘ज्योतिषी’ से शिकायत है, वे बेझिझक सामने आएं। सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा देगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन इस बात की भी जांच करेगा कि आरोपी सिर्फ ज्योतिष सेवाएं दे रहा था या अंधविश्वास फैला रहा था।
इस मामले ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को भी जन्म दे दिया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने आरोप लगाया है कि सरकार में बैठे कई लोगों के आरोपी के साथ संबंध हैं। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के साथ आरोपी के संबंधों पर चिंता जताई है। वहीं, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
पूर्व सांसद संभाजी राजे छत्रपति ने भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि चाकणकर ने अब तक अपना इस्तीफा क्यों नहीं सौंपा है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि वह चाकणकर के खिलाफ सख्त कदम उठाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें पद से हटा दें।
इन सब आरोपों के बीच, रूपाली चाकणकर ने आरोपी के निजी जीवन या आरोपों के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, पुलिस उनकी निष्पक्ष जांच करेगी और उन्हें इस जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। इस मामले में आगे की टिप्पणी के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर पब्लिश होने तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया था।
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