सूरत: नवसारी की एक ज्वेलरी शॉप में लूट की कोशिश और दुकान मालिक को गोली मारकर घायल करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में एक एयरोनॉटिकल इंजीनियर भी शामिल है, जो पहले इसरो (ISRO) में इंटर्नशिप कर चुका है और उस पर वाहन चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी वलसाड के रहने वाले हैं। इनकी पहचान 25 वर्षीय उमंग वछानी, 39 वर्षीय रजनीकांत मकवाना और 23 वर्षीय मनोज सूर्यवंशी के रूप में हुई है। इन तीनों को नवसारी लोकल क्राइम ब्रांच (LCB), स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), साइबर क्राइम यूनिट और बिलीमोरा पुलिस की संयुक्त टीमों ने धर दबोचा है।
पुलिस के अनुसार, उमंग और रजनीकांत लूट के इरादे से ‘चंचल ज्वैलर्स’ के अंदर घुसे थे, जबकि उनका तीसरा साथी मनोज बाहर एक कार में इंतजार कर रहा था। हालांकि, दुकान के मालिक अशोक कटारिया ने उनका कड़ा विरोध किया और शोर मचा दिया, जिससे लूट की यह योजना विफल हो गई। वहां से भागते समय उमंग ने अशोक कटारिया पर दो राउंड फायरिंग कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
नवसारी के पुलिस अधीक्षक (SP) राहुल पटेल ने बताया कि आरोपियों का सुराग लगाने के लिए जांच टीमों ने लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। भागने में इस्तेमाल की गई उनकी कार आखिरकार चिखली के एक औद्योगिक क्षेत्र में मिल गई, जिसके बाद वलसाड से उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सकी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन तीनों ने पुलिस से बचने और सबूत मिटाने के लिए अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट हटा दी थी और उसे एक खदान के पास लावारिस हालत में छोड़ दिया था। मुख्य सड़क तक पहुंचने से पहले उन्होंने अपने कपड़े और जूते भी बदल लिए थे। इसके बाद उन्होंने अपने घर लौटने के लिए एक किराए की गाड़ी का इस्तेमाल किया।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी उमंग ने पिछले दो महीनों से इस लूट की योजना बनाई थी। उसने रजनीकांत के साथ मिलकर इस ज्वेलरी शॉप की रेकी भी की थी। बताया जा रहा है कि इस पूरी अवधि के दौरान उसके पास एक हथियार भी मौजूद था।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह हथियार कहां से लाया गया था और इसी दुकान को निशाना बनाने के पीछे उनका क्या मकसद था।
अधिकारियों के मुताबिक, उमंग वछानी ने अहमदाबाद की एक यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। अपने छात्र जीवन के दौरान भी वह चोरी की कई वारदातों में शामिल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, उमंग ने साल 2022 में अहमदाबाद की सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उसने इसरो की अहमदाबाद यूनिट में सात महीने तक इंटर्नशिप भी की। साल 2023 के अंत में वह एक निजी एयरोस्पेस कंपनी से जुड़ा और वहां उसने करीब एक साल तक काम किया।
पुलिस का कहना है कि उमंग का एक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। साल 2023 से लेकर अब तक अहमदाबाद में उस पर वाहन चोरी के 11 मामले दर्ज हो चुके हैं। ये सभी मामले सैटेलाइट, नवरंगपुरा, घाटलोडिया, वाडज, गुजरात यूनिवर्सिटी और वस्त्रापुर पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं। इन अपराधों के चलते अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर उसे पासा (PASA) एक्ट के तहत भी हिरासत में ले चुके हैं।
प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि उमंग ने इस वारदात की योजना बनाने में अपनी शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का पूरा इस्तेमाल किया। माना जा रहा है कि उसने वेब सीरीज देखकर इस लूट की प्रेरणा ली थी। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने मास्क और दस्ताने जैसी चीजें ऑनलाइन मंगवाई थीं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों में भी काफी लिप्त था। चूंकि मुख्य आरोपी बार-बार अपने बयान बदल रहा है, इसलिए जांचकर्ता इस लूट के प्रयास के पीछे के सटीक मकसद की गहराई से जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही, घायल ज्वेलरी शॉप मालिक से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि क्या वह पहले से उमंग को जानता था।
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