काठमांडू: नेपाल के संसदीय चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने पूरे देश की राजनीतिक तस्वीर बदल दी है। रैपर से राजनेता बने बालेन शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) इस समय ऐतिहासिक जीत की दहलीज पर खड़ी दिखाई दे रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली के तहत हो रही 165 सीटों की मतगणना में बालेन शाह की पार्टी 101 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि देश में एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन होने जा रहा है।
नेपाल के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीटों के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनमें से 165 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन सीधे मतदान के जरिए होता है, जबकि शेष 110 सीटें बाद में समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से भरी जाएंगी। गुरुवार को हुए इस मतदान की पृष्ठभूमि सितंबर 2025 में हुए उस बड़े जनांदोलन से जुड़ी है, जिसमें ‘जेन जेड’ (Gen Z) युवाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण केपी शर्मा ओली और उनकी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है। एक समय जहां पार्टी 50 से 60 सीटों पर आगे थी, वहीं अब यह आंकड़ा 100 के पार पहुँच गया है। बालेन शाह की पार्टी की इस लहर के सामने पारंपरिक राजनीतिक दल काफी पीछे छूट गए हैं। नेपाली कांग्रेस फिलहाल 10 सीटों पर, केपी शर्मा ओली की सीपीएम-यूएमएल 9 सीटों पर और पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की माओवादी केंद्र केवल 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसके अलावा, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी एक सीट पर आगे है और एक अन्य सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
इस चुनाव में एक दिलचस्प मुकाबला झापा-5 सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां पूर्व मेयर बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ एक बड़ी बढ़त बना ली है। ताजा जानकारी के मुताबिक, बालेन शाह ने ओली पर 4,000 से अधिक मतों का फासला बना लिया है। ओली को अब तक केवल 1,200 के करीब वोट मिले हैं, जो उनकी घटती लोकप्रियता की ओर इशारा कर रहे हैं। इससे पहले के रुझानों में भी बालेन शाह लगातार ओली से आगे चल रहे थे, और समय के साथ यह बढ़त और अधिक गहरी होती गई है।
नेपाल के मुस्तांग निर्वाचन क्षेत्र से पहला परिणाम भी सामने आ चुका है। यहाँ नेपाली कांग्रेस के प्रत्याशी योगेश गौचन थकाली ने जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीएम-यूएमएल के इंद्रधारा बिष्ट को 1,501 मतों के अंतर से पराजित किया। योगेश गौचन को कुल 3,307 वोट मिले, जबकि बिष्ट को 1,806 वोटों से संतोष करना पड़ा। योगेश गौचन, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रोमी गौचन के पुत्र हैं और वह पहले भी भंग हो चुकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य रह चुके हैं। मुस्तांग में मतगणना का कार्य अब पूरी तरह संपन्न हो चुका है।
काठमांडू-1 सीट पर भी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है। पूरे देश से आ रहे रुझान यह बता रहे हैं कि बालेन शाह की पार्टी न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी अपनी पैठ बना चुकी है। जहां गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस और केपी शर्मा ओली की पार्टी दहाई के आंकड़े को छूने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी पूर्ण बहुमत के आंकड़े की ओर मजबूती से बढ़ रही है।
नेपाल की राजनीति में यह चुनाव युवाओं की आकांक्षाओं और पुराने नेतृत्व के प्रति असंतोष का प्रतिबिंब माना जा रहा है। यदि रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं, तो बालेन शाह नेपाल की सत्ता के नए केंद्र के रूप में उभरेंगे, जो हिमालयी देश की घरेलू और विदेश नीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है। फिलहाल देश भर में मतगणना जारी है और अंतिम नतीजों के आने तक सभी की नजरें निर्वाचन आयोग के आधिकारिक डेटा पर टिकी हुई हैं।
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