comScore सावधान: गुजरात में साइबर ठगी का नया पैंतरा, आधार और सिम बंद कर बैंक खाते किए जा रहे खाली - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

सावधान: गुजरात में साइबर ठगी का नया पैंतरा, आधार और सिम बंद कर बैंक खाते किए जा रहे खाली

| Updated: January 22, 2026 14:06

गुजरात में साइबर ठगी का खौफनाक सच: बिना OTP और अलर्ट के खाते से उड़ाए 3 लाख रुपये, आधार-सिम बंद कर बनाया शिकार

गुजरात में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद शातिर और चिंताजनक तरीका ईजाद किया है। अब ठग लोगों के आधार से जुड़ी सेवाओं और सिम कार्ड को ही निष्क्रिय (Disable) कर रहे हैं, ताकि उन्हें बैंक खातों से पैसे चुराने के लिए समय मिल सके।

पुलिस के मुताबिक, अपराधी इस तकनीक का इस्तेमाल कर ट्रांजेक्शन अलर्ट और ओटीपी (OTP) जैसी सुरक्षा को बायपास कर देते हैं। इससे खाताधारक को भनक तक नहीं लगती और उनकी लाखों की जमा पूंजी गायब हो जाती है।

नडियाद में होटल मैनेजर बने शिकार

ताजा मामला खेड़ा जिले के नडियाद (पश्चिम) पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। यहाँ पीज रोड स्थित एक होटल में मैनेजर, 35 वर्षीय नवलकिशोर सिंह बोहरा ने 10 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई। बोहरा का आरोप है कि उनकी आधार सेवा और सिम बंद होने के बाद उनके एचडीएफसी (HDFC) बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) खातों से कुल 3.08 लाख रुपये उड़ा लिए गए।

कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?

एफआईआर (FIR) के मुताबिक, बोहरा ने 8 सितंबर, 2025 को अपने आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर बदला था। लेकिन इससे पहले कि नया नंबर उनके बैंक खातों से लिंक हो पाता, 30 सितंबर को अचानक उनके पुराने मोबाइल नंबर से नेटवर्क गायब हो गया। शाम को जब वे टेलीकॉम सर्विस सेंटर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनका आधार कार्ड रद्द हो चुका है, जिस वजह से सिम कार्ड भी बंद कर दिया गया है।

बोहरा ने अपनी आधार सेवाओं को बहाल करने के लिए स्थानीय नागरिक कार्यालय से संपर्क किया, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में कई दिन लग गए। जांचकर्ताओं का मानना है कि ठगों ने इसी समय का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों में सेंध लगा दी।

ओटीपी के बिना निकाले लाखों रुपये

5 अक्टूबर को जब बोहरा ने एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की, तो उन्हें अपने एचडीएफसी बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन का पता चला। जांच में सामने आया कि 1.99 लाख रुपये दूसरे खातों में भेजे जा चुके थे।

एसबीआई कस्टमर केयर से बात करने पर पता चला कि उनके एसबीआई खाते से भी कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 1.08 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। हैरानी की बात यह थी कि इनमें से किसी भी लेनदेन के लिए ओटीपी वेरिफिकेशन नहीं मांगा गया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, चोरी की गई रकम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। बोहरा ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया, जिसके बाद औपचारिक शिकायत दर्ज की गई। कुल धोखाधड़ी की राशि 3.09 लाख रुपये है।

पुलिस ने क्या कहा?

साइबर क्राइम अधिकारियों ने बताया कि यह मामला एक बढ़ते हुए खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करता है। इसमें जालसाज पहले आधार डिटेल्स हासिल करते हैं, फिर लिंक किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पहचान करते हैं और अंत में आधार ऑथेंटिकेशन व सिम कार्ड ब्लॉक करवा देते हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “सिम बंद होते ही पीड़ित को ट्रांजेक्शन अलर्ट और ओटीपी मिलना बंद हो जाते हैं। यही वह समय होता है जब अपराधी बेखौफ होकर खाते खाली कर देते हैं, और पीड़ित को तब तक कुछ पता नहीं चलता जब तक बहुत देर न हो जाए।”

फिलहाल पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए खातों के लाभार्थियों (Beneficiaries) का पता लगाने के लिए बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों और संबंधित सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें-

पालघर: गुजराती भाषा में जारी अधिसूचना पर भड़की सियासत, विपक्ष ने सरकार को घेरा…

अडानी समूह ने WEF 2026 में महाराष्ट्र के लिए 66 अरब डॉलर की निवेश योजना का किया अनावरण

Your email address will not be published. Required fields are marked *