वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को न्यूयॉर्क की एक अदालत में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक चौंकाने वाले अभियान के तहत पकड़े जाने के बाद, मादुरो ने जज के सामने खुद को बेगुनाह बताया। इस गिरफ्तारी ने न केवल वेनेजुएला की राजधानी काराकस में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि पूरी दुनिया के नेताओं को भी स्तब्ध कर दिया है।
अदालत में क्या हुआ?
मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में 63 वर्षीय मादुरो ने एक दुभाषिए (इंटरप्रेटर) के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने जज से कहा, “मैं निर्दोष हूं। मैं दोषी नहीं हूं। मैं एक सभ्य इंसान हूं और मैं अभी भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं।” हालांकि, इससे पहले कि वे अपनी बात पूरी कर पाते, अमेरिकी जिला न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन ने उन्हें बीच में ही रोक दिया।
मादुरो अदालत में पैरों में बेड़ियाँ डाले और नारंगी व हल्के बादामी रंग की जेल की पोशाक पहने नजर आए। उन्होंने हेडफोन लगाकर जज द्वारा सुनाए गए आरोपों को सुना। अंदर जहां सुनवाई चल रही थी, वहीं बाहर मादुरो के समर्थक और विरोधी दोनों गुटों के प्रदर्शनकारी जमा थे। सुनवाई लगभग आधे घंटे तक चली।
इस मामले में मादुरो की पत्नी, सिलिया फ्लोर्स ने भी खुद को निर्दोष बताया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख मुकर्रर की है।
क्या हैं आरोप?
निकोलस मादुरो पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के साथ मिलकर कोकीन तस्करी का नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया गया है। उन पर चार गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं: नार्को-टेररिज्म (नशीले पदार्थों का आतंकवाद), कोकीन आयात की साजिश रचना, और मशीनगन व विनाशकारी उपकरणों को अपने पास रखना।
मादुरो ने लंबे समय से इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि यह वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करने की साम्राज्यवादी साजिश का एक हिस्सा है। मादुरो के बचाव पक्ष के वकील बैरी पोलक ने कहा कि वे अपने मुवक्किल के “सैन्य अपहरण” को लेकर एक लंबी और जटिल कानूनी लड़ाई की उम्मीद कर रहे हैं।
काराकस में नेतृत्व परिवर्तन
मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही काराकस में, उनकी उप-राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। हालांकि उन्होंने मादुरो के प्रति समर्थन जताया, लेकिन अमेरिका के इस कदम के खिलाफ लड़ने का कोई संकेत नहीं दिया।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खुफिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि अमेरिकी आकलन के अनुसार, मादुरो की अनुपस्थिति में रोड्रिग्ज ही अस्थायी सरकार का नेतृत्व करने के लिए सबसे बेहतर स्थिति में हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो या पूर्व राष्ट्रपति उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज जैसे विपक्षी नेताओं को वैधता हासिल करने में संघर्ष करना पड़ सकता है।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो मादुरो सरकार के शेष अधिकारियों के साथ “लगातार संपर्क” में हैं और वाशिंगटन का काराकस पर पूरा नियंत्रण बना हुआ है।
ट्रम्प का बयान: “हम देश को ठीक करेंगे”
राष्ट्रपति ट्रम्प ने एनबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ युद्ध में नहीं है, बल्कि “हम उन लोगों के साथ युद्ध में हैं जो ड्रग्स बेचते हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वेनेजुएला में फिलहाल चुनाव संभव नहीं हैं।
ट्रम्प ने कहा, “हमें पहले देश को ठीक करना होगा। अभी चुनाव नहीं हो सकते, लोगों के लिए वोट डालना भी मुमकिन नहीं है।”
ट्रम्प ने रविवार को कहा था कि “हम इंचार्ज हैं” और सोमवार को व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने सीएनएन को बताया कि “संयुक्त राज्य अमेरिका वेनेजुएला को चला रहा है।”
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के तेल पर पूर्ण प्रतिबंध है और व्यापार करने के लिए उन्हें अमेरिका की अनुमति की आवश्यकता होगी।
कानूनी वैधता और तेल पर नजर
अमेरिका 2018 के चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों के बाद से मादुरो को एक अवैध तानाशाह मानता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञों ने इस छापेमारी की वैधता पर सवाल उठाए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे पर बहस हुई, जहां रूस और चीन ने इसकी निंदा की। वहीं, डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने “कानून के दायरे में सब कुछ किया है।”
इस बीच, वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर भी अमेरिका की नजर है। ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला लौटेंगी और वहां के तेल बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करेंगी।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सॉन मोबिल, कोनोकोफिलिप्स और शेवरॉन के प्रतिनिधि गुरुवार को ऊर्जा सचिव क्रिस राइट से मुलाकात करने वाले हैं।
सीनेट के डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रम्प प्रशासन की ब्रीफिंग को “अस्पष्ट” और “काल्पनिक सोच” पर आधारित बताया, लेकिन यह साफ है कि अमेरिका वेनेजुएला के भविष्य को अपनी शर्तों पर तय करने की योजना बना रहा है।
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