अहमदाबाद/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इन दिनों गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे केंद्र शासित प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। दौरे के पहले दिन उन्होंने अहमदाबाद की प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट पर मॉर्निंग रन के बाद इसकी खुलकर तारीफ की।
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अहमदाबाद में पर्यटन कार्यक्रम के लिए आने का एक फायदा ये हुआ कि मुझे सुबह-सुबह साबरमती रिवरफ्रंट की प्रसिद्ध पथरीली पगडंडी पर दौड़ने का मौका मिला। यह उन सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है जहां मैंने दौड़ लगाई है। इतने सारे वॉकर और रनर्स के साथ दौड़ने का अनुभव शानदार रहा। मैं अटल फुट ब्रिज के पास से भी दौड़ता हुआ गुज़रा।”
हालांकि उनका ट्वीट हल्के-फुल्के अंदाज़ में था, लेकिन गुजरात यात्रा का मकसद काफी गंभीर था— जम्मू-कश्मीर को एक सुरक्षित और विश्वसनीय पर्यटन स्थल के रूप में दोबारा स्थापित करना। दरअसल, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी (जिनमें कई गुजरात से थे), के बाद से घाटी में पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
गुजरात के पर्यटक कश्मीर पर्यटन की रीढ़
एक पर्यटन प्रमोशन कार्यक्रम के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा, “गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य हमेशा हमारे पर्यटन क्षेत्र में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि गुजरात के पर्यटक जल्द ही बड़ी संख्या में दोबारा कश्मीर का रुख करेंगे।”
राजनीतिक बयान और केंद्र पर हमला
हालांकि दौरे के दौरान राजनीतिक सवालों से भी उमर अब्दुल्ला दूर नहीं रहे। 30 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर पहलगाम हमले में सुरक्षा और खुफिया चूक के लिए कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, “यह बात खुद उपराज्यपाल ने भी मानी है कि सुरक्षा में चूक हुई थी। अगर ऐसा है तो ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए।”
उन्होंने बताया कि तीनों आतंकियों को मार गिराया गया है, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अनुच्छेद 370 पर भी उठाए सवाल
उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद केंद्र द्वारा किए गए वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “कहा गया था कि अनुच्छेद 370 हटाने से आतंकवाद खत्म हो जाएगा। अब पांच साल हो गए हैं, लेकिन अभी भी आतंकवादी मारे जा रहे हैं। तो उन वादों का क्या हुआ?”
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात
इससे पहले दिन में उमर अब्दुल्ला ने गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से भी मुलाकात की। इस बैठक में राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और समावेशी विकास के लिए बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने पर चर्चा हुई।
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