नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल भारत के संविधान को पूरी तरह से समाप्त करने का प्रस्ताव रख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष केवल एक राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि देश के संस्थागत ढांचे पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है और इसमें उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।
कांग्रेस ने सोमवार (22 दिसंबर, 2025) को राहुल गांधी का एक घंटे का वीडियो जारी किया, जिसमें वे जर्मनी के बर्लिन स्थित हर्टी स्कूल (Hertie School) में छात्रों के साथ संवाद कर रहे हैं। पिछले सप्ताह अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान दिए गए इस संबोधन में, गांधी ने कहा कि भाजपा ने देश के संवैधानिक ढांचे पर चौतरफा हमला बोल दिया है ताकि उसका इस्तेमाल अपनी राजनीतिक सत्ता को मजबूत करने के लिए एक हथियार के रूप में किया जा सके।
‘संविधान की मूल भावना पर प्रहार’
वीडियो में ‘पॉलिटिक्स इज द आर्ट ऑफ लिसनिंग’ (राजनीति सुनने की कला है) विषय पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “भाजपा जो प्रस्ताव कर रही है, वह अनिवार्य रूप से संविधान का खात्मा है। यह राज्यों के बीच समानता, भाषाओं और धर्मों के बीच समानता और संविधान के उस केंद्रीय विचार को खत्म करने की कोशिश है, जो हर व्यक्ति को एक समान महत्व देता है।”
उन्होंने छात्रों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि जब लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आक्रमण होता है, तो विपक्ष को उसका मुकाबला करने के नए तरीके खोजने होते हैं। केवल यह कहना काफी नहीं है कि चुनावों में समस्या है।
उन्होंने कहा, “हम इसका डटकर मुकाबला करेंगे। हम प्रतिरोध का एक ऐसा तरीका और सिस्टम तैयार करेंगे जो सफल होगा। आपको यह समझना होगा कि हम भाजपा से नहीं लड़ रहे हैं, हम भारतीय संस्थागत ढांचे पर उनके कब्जे के खिलाफ लड़ रहे हैं।”
‘भारतीय लोकतंत्र एक वैश्विक धरोहर है’
राहुल गांधी ने भारतीय लोकतंत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत का विशाल और जटिल लोकतंत्र सिर्फ भारत की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की संपत्ति है।
उन्होंने कहा, “यदि आप दुनिया में लोकतंत्र पर कोई भी चर्चा करना चाहते हैं, तो आप दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नजरअंदाज नहीं कर सकते। इसलिए मैं कहता हूं कि भारतीय लोकतंत्र एक ‘ग्लोबल पब्लिक गुड’ (वैश्विक सार्वजनिक वस्तु) है। इस पर हमला, वास्तव में वैश्विक लोकतांत्रिक प्रणाली पर हमला है।”
एजेंसियों के दुरुपयोग और चुनाव पर सवाल
छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत में चुनावी मशीनरी के साथ समस्या है और संस्थागत ढांचे का ‘हथियारीकरण’ (weaponisation) किया जा रहा है।
उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसियों का जिक्र करते हुए कहा कि जहां कांग्रेस ने इन संस्थाओं को देश की संपत्ति माना था, वहीं भाजपा इन्हें अपनी निजी संपत्ति मानती है और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इनका इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि अगर आप ईडी और सीबीआई के मामलों को देखें, तो पाएंगे कि अधिकांश मामले राजनीति से प्रेरित हैं।
हालिया विधानसभा चुनावों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव में स्पष्ट रूप से जीत हासिल की थी, और महाराष्ट्र चुनाव के निष्पक्ष होने पर भी उन्हें संदेह है।
आर्थिक मॉडल और विपक्षी एकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी, भाजपा और आरएसएस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आर्थिक मॉडल को ही आगे बढ़ाया है, लेकिन अब वह मॉडल जाम हो चुका है और आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के बारे में बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के सभी दल आरएसएस की मूल विचारधारा से असहमत हैं और इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने कहा, “हमारे बीच रणनीतिक मुकाबले हो सकते हैं, लेकिन जब विपक्ष की एकता की बात आती है, तो हम संसद में कानूनों के खिलाफ एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करते हैं।”
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