comScore रायपुर के 2021 के हत्याकांड का पर्दाफाश, 5 साल से फरार आरोपी अहमदाबाद से गिरफ्तार - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

रायपुर के 2021 के हत्याकांड का पर्दाफाश, 5 साल से फरार आरोपी अहमदाबाद से गिरफ्तार

| Updated: March 21, 2026 15:31

संपत्ति विवाद में बड़े बेटे की हत्या के लिए दी थी 4 लाख की सुपारी, लेकिन कातिल ने मां को ही लूटकर मार डाला; 5 साल बाद हुआ पर्दाफाश।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 2021 में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। क्राइम ब्रांच की टीम ने टिकरापारा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला संपत्ति विवाद में दी गई सुपारी से शुरू होकर लूट और हत्या में बदल गया था।

यह मामला अमर यादव की विधवा शकुंतला यादव की हत्या से जुड़ा है। शकुंतला और उनके छोटे बेटे अमित का अपने बड़े बेटे अजय के साथ संपत्ति को लेकर कड़वा विवाद चल रहा था। अजय 2017 से ही परिवार से अलग रह रहा था।

इस विवाद को खत्म करने के लिए मां-बेटे ने रायपुर के उसी अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले अजयकुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ कीमतीश्री राजनारायण मिश्रा से संपर्क किया, जहां अमित काम करता था।

आरोपी मिश्रा के आपराधिक इतिहास को जानते हुए मां-बेटे ने बड़े बेटे को रास्ते से हटाने के लिए उसे चार लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसके लिए एक लाख रुपये एडवांस भी दिए गए थे। हालांकि, आरोपी काम पूरा किए बिना ही अपने गृहनगर भाग गया।

कुछ महीनों बाद शकुंतला और अमित ने आरोपी को उसके गांव में खोज निकाला। उन्होंने काम पूरा करने या एडवांस पैसे वापस करने का दबाव बनाया। समय निकालने के लिए आरोपी ने जल्द ही काम पूरा करने का झांसा दे दिया।

चार महीने बाद आरोपी अजयकुमार अपने साथी केतन उर्फ के.टी. रामसुंदर तिवारी के साथ शकुंतला के घर पहुंचा। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि छोटा बेटा अमित किसी अन्य अपराध में जेल में है और शकुंतला घर में अकेली है।

अकेली महिला को देखकर दोनों ने अपनी योजना बदल दी और सुपारी के काम को लूट में तब्दील कर दिया। रात में दोनों आरोपी शकुंतला के घर पर ही रुके। अगली सुबह उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर शकुंतला यादव की हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपी घर से करीब दस लाख रुपये नकद और 30 से 35 तोला सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गए। इस सोने को उन्होंने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक व्यापारी को बेच दिया था।

पुलिस से बचने के लिए मुख्य आरोपी ने करीब पांच साल तक पूरी तरह से डिजिटल दूरी बनाए रखी। उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद कर दिया और ट्रेस होने से बचने के लिए आधार या पैन कार्ड जैसे किसी भी सरकारी पहचान पत्र का उपयोग नहीं किया।

आरोपी लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलता रहा। वह गोवा में छिपा रहा, फिर 2022 में अहमदाबाद के नरोडा इलाके में अपने भाई के साथ रहने के लिए आया और उसके बाद मुंबई चला गया। वह अलग-अलग शहरों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

आखिरकार, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने तकनीकी खुफिया जानकारी और फील्ड सर्विलांस की मदद से आरोपी को ट्रैक किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसका साथी और सह-आरोपी केतन उत्तर प्रदेश के कौशांबी का रहने वाला है।

फिलहाल, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपी को औपचारिक रूप से सौंपने के लिए रायपुर पुलिस के साथ समन्वय कर रही है।

यह भी पढ़ें-

केरल चुनाव: कांग्रेस की आधी रात की बैठक और टिकट बंटवारे की पूरी इनसाइड स्टोरी

T20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के बाद IPL 2026 में शुभमन गिल मचाएंगे धमाल: चेतेश्वर पुजारा

Your email address will not be published. Required fields are marked *