मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) और बीपी एक्सप्लोरेशन (अल्फा) लिमिटेड (BP) के साथ मिलकर सौराष्ट्र बेसिन में स्थित ब्लॉक GS-OSHP-2022/2 के लिए एक संयुक्त परिचालन समझौता (Joint Operating Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ब्लॉक पश्चिमी तट के अपतटीय क्षेत्र (offshore) में स्थित है और इसे हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) के तहत रिलायंस, ओएनजीसी और बीपी को आवंटित किया गया था।
इस समझौते के तहत तीनों कंपनियां ब्लॉक में हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन से संबंधित गतिविधियों को मिलकर अंजाम देंगी। यह पहला मौका है जब RIL, ONGC और BP ने किसी अपतटीय क्षेत्र में तेल और गैस की खोज और उत्पादन के लिए एक साथ बोली लगाई थी। यह बोली ओपन एक्रेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) की 9वीं बोली प्रक्रिया के दौरान लगाई गई थी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज: देश की अग्रणी निजी कंपनी
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी है, जिसने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹10,71,174 करोड़ (यूएस$ 125.3 बिलियन) की एकीकृत आय और ₹81,309 करोड़ (यूएस$ 9.5 बिलियन) का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। कंपनी के व्यापारिक क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, उन्नत सामग्री और कंपोजिट्स, नवीकरणीय ऊर्जा (सौर और हाइड्रोजन), रिटेल और डिजिटल सेवाएं शामिल हैं।
सौराष्ट्र बेसिन में खोज को लेकर आशाएं
सौराष्ट्र बेसिन में अपतटीय ब्लॉक की खोज और संचालन से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में संभावनाएं अधिक हैं और यह साझेदारी ऊर्जा क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक भागीदारी का बेहतरीन उदाहरण है।
यह भी पढ़ें- गिर के शेरों की मशहूर जोड़ी ‘जय-वीरू’ नहीं रही, वन विभाग की तमाम कोशिशें नाकाम











