मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने दक्षिण कोरिया की सैमसंग सीएंडटी कॉरपोरेशन के साथ एक अहम समझौता किया है। यह एक बाध्यकारी दीर्घकालिक आपूर्ति और खरीद समझौता (SPA) है, जिसके तहत रिलायंस 15 वर्षों तक ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति करेगी।
इस आपूर्ति की शुरुआत वित्त वर्ष 2029 की दूसरी छमाही से होगी। इस समझौते का मूल्य 3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक आंका गया है। वैश्विक स्तर पर यह ग्रीन अमोनिया के लिए हुए सबसे बड़े बाध्यकारी ऑफ-टेक समझौतों में से एक है।
यह समझौता वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में एक नया मानक स्थापित करता है। इसके साथ ही भारत पूरी तरह से स्वदेशी मूल्य श्रृंखला के माध्यम से उत्पादित हरित ईंधन के निर्यातक के रूप में उभर रहा है। यह कदम भारत के ‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन’ (NGHM) के भी पूरी तरह अनुरूप है।
हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नया वैश्विक मानक
रिलायंस एक पूर्ण एकीकृत ‘न्यू एनर्जी’ प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन और डाउनस्ट्रीम ग्रीन ईंधन व रसायन शामिल हैं। इसके साथ ही कंपनी सोलर मॉड्यूल, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों का भारत में ही निर्माण कर रही है।
रिलायंस का उद्देश्य इन क्षमताओं को एक ही इकोसिस्टम में एकीकृत करके वैश्विक बाजारों के लिए प्रतिस्पर्धी, स्केलेबल और विश्वसनीय हरित ऊर्जा समाधान प्रदान करना है। सैमसंग सीएंडटी के साथ यह समझौता रिलायंस के न्यू एनर्जी प्लेटफॉर्म के पैमाने को बढ़ाने के लिए की जा रही दीर्घकालिक साझेदारियों की श्रृंखला में पहली है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने कहा कि उन्हें सैमसंग सीएंडटी के साथ साझेदारी करने पर गर्व है। उन्होंने इसे भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह लागत-प्रतिस्पर्धी और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
अंबानी ने आगे कहा कि इस विजन के केंद्र में एक मजबूत ‘मेक-इन-इंडिया’ ढांचे के तहत ऊर्जा परिवर्तन की महत्वपूर्ण तकनीकों का स्वदेशीकरण करने की प्रतिबद्धता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की साझेदारियां भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और इसके डेरिवेटिव के लिए एक वैश्विक हब बनने की महत्वाकांक्षा में बड़ा योगदान देंगी।
रिलायंस और सैमसंग सीएंडटी का परिचय
रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी है। 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वर्ष के लिए इसका समेकित राजस्व 10,71,174 करोड़ रुपये (125.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर) और शुद्ध लाभ 81,309 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 2035 तक ‘नेट कार्बन जीरो’ हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है।
अपने न्यू एनर्जी बिजनेस के जरिए रिलायंस दुनिया के सबसे एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा प्लेटफार्मों में से एक का निर्माण कर रही है। इसके केंद्र में जामनगर स्थित 5,000 एकड़ में फैला ‘धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स’ है। रिलायंस 2025 के लिए फॉर्च्यून की ग्लोबल 500 सूची में 88वें और फोर्ब्स ग्लोबल 2000 रैंकिंग में 45वें स्थान पर है।
दूसरी ओर, 1938 में स्थापित सैमसंग सीएंडटी कॉरपोरेशन 40 देशों में 70 से अधिक कार्यालयों के साथ एक वैश्विक व्यापार नेटवर्क संचालित करती है। यह कंपनी प्रमुख औद्योगिक सामग्रियों के व्यापार और सोलर पीवी/ईएसएस (PV/ESS) जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में विशेषज्ञता रखती है।
यह भी पढ़ें-
इंडिगो और अडाणी एयरपोर्ट्स की साझेदारी: अब ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ‘इंडिगो ब्लूचिप्स’
गुजरात: कोचिंग सेंटरों पर कसेगा शिकंजा, बिल की जगह आएगी सख्त नीति










