लाहौर/अमृतसर: पाकिस्तान जाकर वहां के निवासी से निकाह करने वाली भारतीय महिला सरबजीत कौर के मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें कथित तौर पर सरबजीत अपनी आपबीती सुना रही हैं। इस ऑडियो में वह भारत वापस आने की गुहार लगा रही हैं और दावा कर रही हैं कि पाकिस्तान में उनके साथ प्रताड़ना हो रही है।
इतना ही नहीं, महिला ने एक बड़ा खुलासा करते हुए यह भी कहा है कि वह किसी जासूसी के मकसद से नहीं, बल्कि अपनी कुछ ‘आपत्तिजनक तस्वीरों’ को डिलीट करवाने के लिए पाकिस्तान गई थी।
वायरल ऑडियो में छलका दर्द: “मैं यहां नरक भोग रही हूं”
सोशल मीडिया पर सामने आए इस असत्यापित (Unauthenticated) ऑडियो क्लिप में सरबजीत कौर कथित तौर पर भारत में अपने पूर्व पति से बात कर रही हैं। उनकी आवाज़ में डर और पछतावा साफ़ सुना जा सकता है। वह कह रही हैं कि जिस पाकिस्तानी शख्स (नासिर हुसैन) से उन्होंने निकाह किया है, वह और उसका परिवार अब उन्हें परेशान कर रहा है।
क्लिप में महिला रोते हुए कहती है, “मैं यहां बहुत बुरी हालत में हूं। मुझे मेरे बच्चों के बिना नहीं जीना। मैं वो ‘सरदारनी’ थी जो लोगों को लाखों रुपये देती थी, लेकिन आज मैं खुद पाई-पाई को मोहताज हूं।”
सरबजीत ने अपने पूर्व पति से विनती की है कि उसे किसी तरह वापस भारत बुला लिया जाए। साथ ही, उसने यह वादा भी माँगा है कि वतन वापसी पर उसे कोई तकलीफ नहीं दी जाएगी।
“तस्वीरें डिलीट करवाने गई थी, जासूसी करने नहीं”
वायरल ऑडियो में महिला ने अपने पाकिस्तान जाने की असली वजह भी बताई है, जो बेहद हैरान करने वाली है। सरबजीत का दावा है कि नासिर हुसैन के पास उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं। वह केवल उन तस्वीरों को डिलीट करवाने के मकसद से वहां गई थी, न कि किसी जासूसी मिशन पर। उसका कहना है कि वह ब्लैकमेलिंग का शिकार हुई है। हालांकि, इस ऑडियो क्लिप की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
क्या है पूरा मामला?
पंजाब के कपूरथला जिले के अमानिपुर गांव की रहने वाली 48 वर्षीय सरबजीत कौर, पिछले साल नवंबर में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गई थीं। वह करीब 2,000 सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ वाघा बॉर्डर के रास्ते वहां पहुंची थीं।
जत्था तो वापस लौट आया, लेकिन सरबजीत गायब हो गईं। बाद में लाहौर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि सरबजीत ने 4 नवंबर को पाकिस्तान पहुंचने के अगले ही दिन, लाहौर से लगभग 50 किलोमीटर दूर शेखूपुरा जिले के निवासी नासिर हुसैन से निकाह कर लिया था। धर्म परिवर्तन के बाद उन्हें ‘नूर’ नाम दिया गया।
अदालती आदेश के बावजूद शेल्टर होम में कैद
सरबजीत (नूर) और नासिर हुसैन ने निकाह के बाद लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने शेखूपुरा के फारूकबाद स्थित उनके घर पर अवैध छापेमारी की और निकाह तोड़ने का दबाव बनाया। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस फारूक हैदर ने पुलिस को निर्देश दिया था कि जोड़े को परेशान न किया जाए।
हालांकि, पंजाब सरकार के सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने अदालती आदेश के विपरीत कार्रवाई की। एक अधिकारी ने बताया, “पुलिस ने दंपति को पकड़ लिया और सरबजीत कौर को लाहौर के सरकारी शेल्टर होम ‘दारुल अमन’ भेज दिया है।”
सूत्रों का कहना है कि अधिकारी सरबजीत को वापस भारत डिपोर्ट (Deport) करना चाहते हैं, जबकि उनके पति नासिर हुसैन पुलिस हिरासत में हैं और उन पर मामला दर्ज है। इससे पहले भी वाघा-अटारी बॉर्डर बंद होने के कारण उन्हें वापस भेजने की कोशिश नाकाम हो चुकी है।
पहले कहा था- “अपनी मर्जी से आई हूं”
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले सामने आए एक वीडियो में सरबजीत ने कहा था कि वह तलाकशुदा हैं और अपनी मर्जी से नासिर से शादी करने आई हैं। उस समय उन्होंने इस्लामाबाद स्थित दूतावास में वीजा बढ़ाने और पाकिस्तानी नागरिकता के लिए आवेदन भी किया था।
दूसरी ओर, पंजाब विधानसभा के पूर्व सदस्य महिंदर पाल सिंह ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आशंका जताई है कि सरबजीत एक “भारतीय जासूस” हो सकती हैं। उनका तर्क है कि वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी उनका पाकिस्तान में रुकना गैरकानूनी है और यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
फिलहाल, सरबजीत कौर का भविष्य अधर में लटका हुआ है। एक तरफ जासूसी के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ एक महिला की घर वापसी की करुण पुकार।
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