नई दिल्ली/गांधीनगर: गुजरात से राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने शुक्रवार को राज्य सरकार के सामने एक अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की है कि सरकार को बड़ा दिल दिखाते हुए उन किसानों को उचित और सम्मानजनक मुआवजा देना चाहिए, जिनकी फसलें दिवाली के दौरान हुई बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गईं।
राज्यसभा में गूंजा किसानों का दर्द
राज्यसभा में शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान अपनी बात रखते हुए गोहिल ने मौजूदा राहत पैकेज पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवजा बेहद कम है और यह किसानों की बेबसी का मजाक उड़ाने जैसा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी, जिसे गोहिल ने नुकसान के अनुपात में नाकाफी बताया है।
गोहिल ने सदन का ध्यान इस ओर खींचा कि आपदा ठीक उस वक्त आई जब फसल लगभग पककर तैयार थी। किसान अपनी फसल काटने ही वाले थे कि बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
फसल बीमा योजना पर सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद ने ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र और गुजरात दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, फिर भी गुजरात के किसान फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर आज किसान इस योजना के दायरे में होते, तो उनके नुकसान की भरपाई हो जाती और उन्हें आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
राजीव गांधी के दौर का किया जिक्र
इतिहास के पन्ने पलटते हुए गोहिल ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल को याद किया। उन्होंने बताया कि एक समय जब गुजरात भयंकर सूखे की चपेट में था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किसानों के लिए बड़ी सब्सिडी और नाममात्र लागत पर फसल बीमा योजना की शुरुआत की थी, जिससे अन्नदाताओं को बड़ा सहारा मिला था।
यह भी पढ़ें-
सास की हत्या की आरोपी पत्नी को 45 लाख का गुजारा भत्ता देने पर रोक, गुजरात हाईकोर्ट का अहम फैसला
PMO के अहम अधिकारी हिरेन जोशी की वापसी: ‘साइलेंटली ड्रॉप’ किए जाने की अटकलों के बीच फिर सक्रिय हुए…










