अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल है, जिसका सीधा और भारी असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, यानी सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट भारी गिरावट के साथ खुले।
शुरुआती कारोबार में ही बड़ा नुकसान
सुबह 9:28 बजे तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सेंसेक्स 891 अंक (1.10%) का गोता लगाकर 80,395 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 268 अंक (1.07%) टूटकर 24,909 पर कारोबार कर रहा था।
मिडकैप, स्मॉलकैप और सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
बेंचमार्क इंडेक्स के साथ-साथ ब्रॉड-कैप सूचकांकों की स्थिति भी खराब रही:
- निफ्टी मिडकैप 100: 1.14% की गिरावट।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100: 1.35% का नुकसान।
- बाजार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। इनमें सबसे ज्यादा मार निफ्टी रियल्टी (2.19%), ऑयल एंड गैस (1.81%) और ऑटो सेक्टर (1.35%) पर पड़ी।
एविएशन सेक्टर पर दबाव और बाजार में अस्थिरता
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में छाई अनिश्चितता के चलते पूरे कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता कम ही रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यूएई (UAE) के प्रमुख रूट्स पर उड़ानों के रोके जाने के कारण एविएशन कंपनियों के शेयरों पर भारी दबाव देखा जा सकता है। यह क्षेत्रीय अस्थिरता का सीधा असर है।
इसके अलावा, होली की छुट्टी से ठीक पहले सोमवार को होने वाली साप्ताहिक निफ्टी एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) और तेज हो सकता है।
तकनीकी नजरिया और कच्चा तेल (Crude Oil)
मार्केट खुलने से पहले ही एनालिस्ट्स ने बताया था कि निफ्टी चार्ट पर लगातार चौथी लाल (रेड) कैंडल का बनना और 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के नीचे क्लोजिंग देना, मंदी के हावी होने का स्पष्ट संकेत है।
- रेजिस्टेंस (Resistance): तकनीकी रूप से अब बाजार के लिए 25,300–25,350 के जोन में रुकावट है।
- सपोर्ट (Support): इसका तत्काल सपोर्ट 25,000–25,050 के स्तर पर देखा जा रहा है।
वहीं, अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में बड़ी रुकावट आने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में 7 प्रतिशत से ज्यादा का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में भी मिडिल ईस्ट के ऊपर एयरस्पेस और एयरपोर्ट बंद होने से वहां एविएशन शेयरों के नेतृत्व में भारी गिरावट आई है।
चीन का शंघाई इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि शेनझेन 0.75% गिर गया। जापान का निक्केई 1.5%, हांगकांग का हैंगसेंग 1.68% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1% टूटकर बंद हुए।
अगर अमेरिकी बाजारों की बात करें, तो पिछले ट्रेडिंग सेशन में वहां भी सुस्ती छाई रही। नैस्डैक 0.92%, S&P 500 0.43% और डाउ जोंस 1.05% फिसलकर लाल निशान में बंद हुए थे।
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