अहमदाबाद: नारनपुरा स्थित सेंट जेवियर्स लोयोला स्कूल के अभिभावकों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार की फीस नियामक समिति (Fee Regulatory Committee) ने स्कूल द्वारा दायर की गई अपील को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद, स्कूल प्रशासन के लिए यह अनिवार्य हो गया है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के दौरान अभिभावकों से वसूली गई 2 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त फीस वापस करे।
क्या है पूरा मामला? यह विवाद अहमदाबाद जोन फीस रेगुलेशन कमेटी द्वारा दिए गए एक आदेश से जुड़ा है, जिसमें सेंट जेवियर्स लोयोला स्कूल को वर्ष 2024-25 के लिए अपनी फीस कम करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने इस घटी हुई फीस संरचना को लागू करने के बजाय अभिभावकों से पुरानी और ऊँची दरों पर ही फीस वसूलना जारी रखा। इसके साथ ही, स्कूल ने अहमदाबाद जोन कमेटी के आदेश को चुनौती देते हुए गांधीनगर स्थित फीस रिविजन कमेटी के समक्ष अपील दायर कर दी थी।
मामले की सुनवाई के बाद, फीस रिविजन कमेटी ने स्कूल की पुनर्विचार याचिका (revision application) को खारिज कर दिया है। कमेटी ने अहमदाबाद जोन के फैसले को बरकरार रखा है, जिसका सीधा मतलब है कि स्कूल को अब अतिरिक्त रूप से वसूले गए पैसे अभिभावकों को लौटाने होंगे।
फीस का गणित और छात्रों की संख्या आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, सेंट जेवियर्स लोयोला स्कूल के निजी प्राइमरी सेक्शन (कक्षा 1 से 8) में कुल 1,562 छात्र नामांकित हैं। स्कूल ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लिए अपने खर्चों और ऑडिट किए गए खातों का प्रस्ताव पेश किया था। इसमें कुल स्वीकृत व्यय 3,36,92,851 रुपये दिखाया गया था, जिसके अनुसार प्रति छात्र खर्च 21,570 रुपये बनता है।
इस गणना के आधार पर, अहमदाबाद जोन कमेटी ने शुरू में 2024-25 के लिए 22,500 रुपये की अनंतिम (provisional) फीस को मंजूरी दी थी। यह राशि स्कूल द्वारा 2023-24 में ली गई 39,359 रुपये की फीस और 2024-25 के लिए मांगी गई 39,360 रुपये की मांग से काफी कम थी।
तय की गई फाइनल फीस स्कूल द्वारा अनंतिम फीस पर आपत्ति जताने के बाद, 7 फरवरी 2025 को सुनवाई हुई। इसके बाद कमेटी ने फाइनल आदेश जारी करते हुए निम्नलिखित फीस को मंजूरी दी:
- 2024-25 के लिए: 26,250 रुपये
- 2025-26 के लिए: 27,500 रुपये
- 2026-27 के लिए: 29,250 रुपये
2 करोड़ की एफडी और रिफंड का आदेश बावजूद इसके कि फीस कम तय की गई थी, स्कूल ने पूरे शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए पुरानी फीस ही वसूली। इस उल्लंघन को देखते हुए, फीस कमेटी ने पहले ही सुरक्षा के तौर पर स्कूल से 2 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) रखवा ली थी, जो कि अतिरिक्त वसूली गई राशि के बराबर थी।
अब जबकि रिविजन कमेटी ने स्कूल की अपील खारिज कर दी है, तो अतिरिक्त राशि का रिफंड अनिवार्य हो गया है। गौरतलब है कि चालू शैक्षणिक वर्ष में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के आदेश के बाद, स्कूल ने दूसरे सेमेस्टर से फीस घटा दी थी और संशोधित संरचना के अनुसार ही शुल्क ले रहा है।
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