पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा संघर्ष ने भले ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार को काफी हद तक बाधित किया है, लेकिन सूरत के हीरा उद्योग के लिए यह एक छिपे हुए वरदान की तरह साबित हो रहा है।
मौजूदा वैश्विक संकट को देखते हुए, दुबई स्थित स्टारजेम्स ग्रुप (Stargems Group) ने अपने कच्चे हीरों की नीलामी का स्थान बदल दिया है। अधिकारियों के अनुसार, अब यह भव्य नीलामी शहर के बाहरी इलाके में स्थित विशाल सूरत डायमंड बोर्स (SDB) में आयोजित की जा रही है।
350 करोड़ रुपये के हीरों की प्रदर्शनी
इस आयोजन के तहत मंगलवार से एक सात दिवसीय प्री-ऑक्शन प्रदर्शनी की शुरुआत हुई। यह प्रदर्शनी रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) के कार्यालय क्षेत्र में चल रही है, जिसे दुबई के इस समूह को पट्टे पर दिया गया है।
इस दौरान दुनिया भर के कारोबारियों के लिए 350 करोड़ रुपये से अधिक के कच्चे हीरे एसडीबी में प्रदर्शित किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि जीजेईपीसी (GJEPC) भारत के रत्न और आभूषण उद्योग की शीर्ष संस्था है।
जीजेईपीसी गुजरात क्षेत्र के अध्यक्ष जयंती सावलिया ने बताया कि यह पहली बार है जब एसडीबी स्थित जीजेईपीसी कार्यालय में इस तरह की प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। दुबई की इस कंपनी ने इससे पहले अपना आयोजन वहीं किया था। अब जो व्यापारी वहां यात्रा नहीं कर सकते, उनके पास व्यक्तिगत रूप से कच्चे हीरे देखने और बोली लगाने का शानदार अवसर है। प्रदर्शनी के अंतिम दिन के बाद कंपनी विधिवत नीलामी आयोजित करेगी।
सूरत बना व्यापार का सुरक्षित ठिकाना
इस बीच, जीजेईपीसी के सूत्रों ने जानकारी दी है कि दुबई की तीन अन्य शीर्ष वैश्विक रफ डायमंड कंपनियां भी अप्रैल में सूरत में अपनी नीलामी आयोजित करने जा रही हैं। वैश्विक व्यापारिक नजरिए से ये कंपनियां अब सूरत को व्यापार के लिए एक ‘सुरक्षित’ स्थान के रूप में देख रही हैं।
यह पूरा घटनाक्रम सूरत डायमंड बोर्स (SDB) के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। 700 हेक्टेयर में फैले डायमंड रिसर्च एंड मर्केंटाइल सिटी में स्थित इस भव्य परिसर का उद्घाटन 2023 में हुआ था। हालांकि, अपनी शुरुआत के बाद से ही यह व्यापारियों को अपना व्यवसाय यहां स्थापित करने के लिए आकर्षित करने में संघर्ष कर रहा था।
वहीं, अगर स्टारजेम्स ग्रुप की बात करें, तो इस कंपनी ने हीरा आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत हिस्सा बनने के लिए 2022 में दक्षिण अफ्रीका की दो खदानों का भी अधिग्रहण किया था।
दुबई के विकल्प के रूप में उभरता सूरत
यहां प्राकृतिक हीरों का निर्यात करने वाली एक कंपनी के मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दुबई एक मुक्त-व्यापार क्षेत्र (फ्री-ट्रेड जोन) है। वहां कई हीरा कंपनियों के केंद्र हैं और वे कच्चे हीरों की ऑनलाइन नीलामी के जरिए व्यापार करते हैं। लेकिन चूंकि वह शहर भी युद्ध के प्रभाव क्षेत्रों के करीब है, इसलिए हीरा कंपनियां अब एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं।
उन्होंने आगे जोड़ा कि दुनिया के हर 10 में से 8 पॉलिश किए गए हीरे सूरत में ही तराशे और पॉलिश किए जाते हैं। यही वजह है कि ये बहुराष्ट्रीय हीरा कंपनियां अब सूरत को अपने दूसरे सबसे मजबूत विकल्प के रूप में देख रही हैं और इसी रणनीति के तहत यहां कच्चे हीरों की नीलामी आयोजित की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनी के पहले दिन सैकड़ों व्यापारियों ने भौतिक रूप से हिस्सा लिया। उन्होंने अलग-अलग कैरेट, आकार और रंगों के कच्चे हीरों का करीब से मुआयना किया। अब तक हीरा व्यापारी इन हीरों को केवल वर्चुअली देखने के बाद ऐसी नीलामियों में हिस्सा लेने के लिए दुबई की यात्रा करते थे।
आगामी नीलामियां और स्थानीय कारोबारियों को लाभ
जयंती सावलिया ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में एक और बड़ी रफ डायमंड नीलामी होने वाली है। जीजेईपीसी 4 अप्रैल से 1 मई तक एसडीबी में एक और कच्चे हीरों की प्रदर्शनी आयोजित कर रहा है। इसके लिए दुबई की वैश्विक उपस्थिति वाली शीर्ष तीन कंपनियों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। इस आयोजन में भी सैकड़ों करोड़ रुपये के कच्चे हीरे प्रदर्शित किए जाएंगे और बाद में उनकी नीलामी होगी।
व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, आमतौर पर कच्चे हीरे निर्माताओं तक पहुंचने से पहले कई हाथों से गुजरते हैं, जिससे बिचौलियों का मुनाफा जुड़ता जाता है। लेकिन एसडीबी में होने वाली ऐसी सीधी नीलामियों के माध्यम से स्थानीय निर्माताओं, दलालों और व्यापारियों को सूरत में ही कच्चे हीरों को व्यक्तिगत रूप से देखने और फिर सीधे बोली में भाग लेकर उन्हें खरीदने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
इस आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए एसडीबी प्रबंधन ने सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं। इनमें कीमती सामानों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नियंत्रित प्रवेश प्रणाली, तकनीकी सहायता, आगंतुकों के लिए सुचारू व्यवस्था और उचित सुरक्षा समन्वय शामिल हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीबी के उपाध्यक्ष लालजीभाई पटेल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एसडीबी केवल हीरों के स्थानीय व्यापार का केंद्र नहीं है। इस तरह के भव्य आयोजनों के माध्यम से यह वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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