सूरत: अक्सर कहा जाता है कि तकनीक दोधारी तलवार है, लेकिन सूरत में एक 31 वर्षीय व्यक्ति के लिए उसका मोबाइल कैमरा ही उसके जेल जाने का कारण बन गया। आरोपी ने सोचा था कि पत्नी की आत्महत्या का वीडियो बनाकर वह खुद को कानून की नजरों में पाक-साफ साबित कर देगा, लेकिन यही वीडियो पुलिस के लिए उसके खिलाफ सबसे बड़ा और पक्का सबूत बन गया।
घटना में आरोपी पति रंजीत साह ने अपनी पत्नी को बचाने की रत्ती भर भी कोशिश नहीं की, बल्कि जब वह आग की लपटों में घिरी थी, तब वह इत्मीनान से वीडियो रिकॉर्ड करता रहा।
घरेलू कलह का दर्दनाक अंत
मृतका की पहचान 31 वर्षीय प्रतिमा देवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रतिमा आए दिन होने वाले घरेलू झगड़ों से बेहद परेशान थी। यह दिल दहला देने वाली घटना 4 जनवरी को घटी, जब हताशा में आकर उसने अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया और खुद को आग लगा ली।
आग से बुरी तरह झुलसने के बाद प्रतिमा को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ वह एक हफ्ते तक जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही। आखिरकार, 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
वीडियो से ‘एलिबाई’ बनाने की कोशिश हुई नाकाम
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि आरोपी रंजीत साह ने जानबूझकर यह वीडियो बनाया था। उसका मकसद एक ‘एलिबाई’ (बचाव का साक्ष्य) तैयार करना था ताकि वह यह साबित कर सके कि पत्नी की मौत में उसका कोई हाथ नहीं है और उसने यह कदम खुद उठाया है।
हालांकि, उसका यह दांव उल्टा पड़ गया। इच्छापुर पुलिस ने वीडियो को ही आधार बनाते हुए कार्रवाई की और गुरुवार को रंजीत को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
प्यार से शुरू हुआ सफर नफरत पर खत्म
बिहार का मूल निवासी रंजीत और प्रतिमा का रिश्ता 2010 में एक पारिवारिक शादी के दौरान शुरू हुआ था। रंजीत के चचेरे भाई की शादी प्रतिमा की बहन से हुई थी। इसी दौरान दोनों करीब आए और उन्हें प्यार हो गया। 2013 में दोनों ने घर से भागकर सूरत में कोर्ट मैरिज कर ली। शुरुआत में विरोध के बाद परिवारों ने भी रिश्ते को अपना लिया था। वे सूरत के इच्छापुर इलाके में बस गए और उनके तीन बच्चे भी हैं।
रंजीत पेशे से मैकेनिक है, जबकि प्रतिमा घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभालती थी।
गेहूं और बच्चों की डांट से शुरू हुआ झगड़ा
पुलिस ने बताया कि तीसरे बच्चे के जन्म के बाद से ही पति-पत्नी के रिश्तों में खटास आने लगी थी। 4 जनवरी की घटना की जड़ भी एक मामूली विवाद था। रंजीत को पता चला कि उसके दो बेटों ने पड़ोसी के छत पर सूखने के लिए रखे गेहूं खराब कर दिए हैं। इस पर उसने गुस्से में बच्चों को डांटा और उनका घर से बाहर निकलना व स्कूल जाना बंद करवा दिया।
प्रतिमा ने बच्चों के बचाव में पति के इस फैसले का विरोध किया, जिससे दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आरोप है कि इसी झगड़े के दौरान रंजीत ने प्रतिमा से कहा कि घर में रखे ईंधन से खुद को आग लगा ले। गुस्से और आवेश में आकर प्रतिमा ने उसकी बात को सच मान लिया और घर में रखा डीजल खुद पर उड़ेल लिया।
इस्पेक्टर का बयान
इच्छापुर पुलिस इंस्पेक्टर ए.सी. गोहिल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, “जिस वक्त यह हादसा हो रहा था, रंजीत मदद करने के बजाय वीडियो बनाने में लगा था। उसे लगा कि यह वीडियो सबूत के तौर पर काम आएगा कि पीड़िता ने यह कदम अपनी मर्जी से उठाया है और वह इसमें शामिल नहीं था।”
पुलिस ने यह भी बताया कि रंजीत मैकेनिक है, इसलिए घर में डीजल उपलब्ध रहता था, जिसका इस्तेमाल परिवार कभी-कभी कीटनाशक के रूप में भी करता था। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है।
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